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Nikay Chunav 2023: विकास हो चारों ओर, इस बार चाहिए ऐसा महापौर, अधिवक्ताओं ने अमर उजाला संवाद में रखी अपनी राय

Sun, 30 Apr 2023 05:02 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ

सार

निकाय चुनाव 2023 में चुने जाने वाले महापौर और पार्षदों की क्या भूमिका हो इस पर अमर उजाला ने शहर के अधिवक्ता गणों से  बातचीत की। अधिवक्ताओं का कहना है कि शहर को कर्मठ और शिक्षित महपौर और पार्षदों की जरूरत है न कि भ्र्ष्टाचार करने वालों की।
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अमर उजाला संवाद में शामिल हुए अधिवक्ता - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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जाति धर्म और अन्य भेदभाव को त्यागकर शहर के चारों ओर हर हिस्से में विकास कराने वाला महापौर इस बार चाहिए। नगर निगम में भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाकर हर हिस्से तक काम कराने वाले को नेतृत्व का मौका मिलना चाहिए। जनता के साथ मिलकर सही सोच के साथ विकास होगा तो इंदौर की तरह यहां भी शहर की सूरत बदल सकती है और इसकी नई पहचान बन सकती है।

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यह कहना है शहर के वरिष्ठ अधिवक्ताओं का। शनिवार को नगर निगम चुनाव के मद्देनजर मोहकमपुर स्थित अमर उजाला कार्यालय में संवाद का आयोजन किया गया। इसमें अधिवक्ताओं ने शहर के विकास, नगर निगम की कार्यप्रणाली, महापौर, पार्षद की जिम्मेदारी और जवाबदेही पर खुलकर अपनी राय रखी।

शहर की समस्याएं उठाने के साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि चुने गए जनप्रतिनिधियों को जिम्मेदारी का एहसास होना चाहिए। इस दौरान निगम में भ्रष्टाचार, सड़क, सीवर, पानी, अतिक्रमण, करों के बोझ सहित अन्य मुद्दों को प्रमुखता से उठाया गया। साथ ही निगम की नई सरकार से समाधान की उम्मीद जताई गई।

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विकास की सोच रखने वाले व्यक्ति को ही महापौर या पार्षद चुनना चाहिए। शिक्षित व्यक्ति ही जनता के अधिकारों की लड़ाई लड़ सकता है। -शिवदत्त जोशी, अध्यक्ष, जिला  बार एसोसिएशन
नगर निगम में अफसरों की मनमानी पर नियंत्रण के साथ शहर को व्यवस्थित करने वाला महापौर होना चाहिए। सड़क, सीवर जैसी सुविधाएं बेहतर हों। -डीडी शर्मा, अधिवक्ता।
शहर अतिक्रमण मुक्त हो। स्वच्छ शौचालय बनाए जाएं। गड्ढा मुक्त सड़कें हों। ऐसे व्यक्ति को महापौर बनने का मौका दिया जाए। जनप्रतिनिधि का ईमानदार होना जरूरी है। -कुंवरपाल शर्मा, अध्यक्ष, मेरठ बार एसोसिएशन।
निगम में जनप्रतिनिधि और अफसरों की मनमानी चलती है। ऐसे में अयोग्य उम्मीदवार चुनने से बेहतर है कि नोटा का ही विकल्प चुन लिया जाए।   -महेन्द्र पाल शर्मा, अधिवक्ता।
ऐसा महापौर चुनना   चाहिए जो शहर के लोगों के दर्द को समझता हो और उन्हें जरूरी      सुविधाएं दिलाने का इरादा रखता हो।   -निर्मल तोमर, महामंत्री, जिला   बार एसोसिएशन
शहर के विकास में अक्सर भेदभाव होता रहा है। शहर के कुछ इलाके ऐसे हैं, जहां न सफाई हो रही है और न ही सड़कें बन रही हैं। यह भेदभाव ठीक नहीं है। -उर्वशी चौधरी, अधिवक्ता 
नगर निगम में महापौर या पार्षद, सभी अप्रत्यक्ष रूप से ठेकेदारी करने लगते हैं। इससे भ्रष्टाचार पनपता है। इन पर लगाम लगाने वाला महापौर चुना जाना चाहिए। -अनिल कुमार बक्शी, अधिवक्ता
नगर निगम की तरफ से शहर में आने वाले का स्वागत कूड़े के पहाड़ से किया जा रहा है। यह बड़ी समस्या है। इससे निजात मिलनी चाहिए। -तरुण गुर्जर, अधिवक्ता
ऐसा महापौर चुनना   चाहिए जो शहर के लोगों के दर्द को समझता हो और उन्हें जरूरी      सुविधाएं दिलाने का इरादा रखता हो।   -निर्मल तोमर, महामंत्री, जिला   बार एसोसिएशन
शहर में मलिन बस्तियों में अक्सर विकास नहीं हो पाता है। ऐसे क्षेत्रों के लोगों की ओर भी ध्यान दिया जाना चाहिए। -प्रवीण भारती, अधिवक्ता
नए महापौर को शहर को जाम से मुक्ति दिलाने के लिए एलिवेटेड रोड जैसे विकल्प पर काम करना चाहिए। बोर्ड में शिक्षित लोगों को शामिल किया जाना चाहिए। -सुधीर पुंडीर, अधिवक्ता
शहर की सरकार में शिक्षित और कानून विशेषज्ञों को भी मौका मिलना चाहिए। महापौर ऐसा हो जो सभी क्षेत्र में समान काम कराए। -देवेंद्र चौधरी, अधिवक्ता
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सबका साथी बनकर काम करने वाला हो
इस दौरान अधिवक्ताा वरुण पूनिया, संजय शर्मा, अमित राणा, अमित सरोहा, शुभम शर्मा सहित अन्य ने कहा कि नया महापौर शहर का साथी बनकर लोगों के लिए काम करने वाला हो। पार्षद ऐसे हों जो क्षेत्र की समस्याओं को प्रभावपूर्ण तरीके से उठा पाएं।
जनता पर करों का भार बढ़ रहा है। कमीशनखोरी बंद होनी चाहिए। केवल कर का बोझ न बढ़ाएं, काम भी करके दिखाएं। -अनिल, अधिवक्ता
जनता के बीच रहने वाला, श िक्षित और पारदर्शी सोच रखने वाला महापौर जरूरी है। वह मूलभूत सुविधाएं दिलाने वाला हो। -विनोद चौधरी, महामंत्री मेरठ बार एसोसिएशन
जाति-धर्म के नाम पर नहीं बल्कि संविधान को मानने वाले को महापौर और पार्षद चुना जाना चाहिए। -अब्दुल जब्बार, अधिवक्ता
महापौर को किसी की कठपुतली बनकर नहीं रहना चाहिए। अच्छी सड़कें, हर घर को पानी, जलभराव से मुक्ति और स्वच्छ शहर बनाने वाला हो। -गजेंद्र पाल सिंह धामा, अधिवक्ता
शहर में सरकारी भूमियों को कब्जा मुक्त कराकर पार्क और स्कूल बनाए जाएं। शहर की अन्य समस्याएं दूर कराई जाएं। -कपिल राज शर्मा, अधिवक्ता
जाति धर्म और दलगत राजनीति से अलग काम करने वाला महापौर जरूरी है। नगर निगम की बोर्ड बैठक में हंगामे की जगह विकास पर मंथन होना चाहिए। -तरुण ढाका, अधिवक्ता
शहर की जनता का पैसा जनता के हित में ही खर्च होना चाहिए। तय बजट को विकास कार्य पर ही लगाया जाए। -राजकुमार गुर्जर, अधिवक्ता
शहर की जनता पर लगातार करों का बोझ बढ़ रहा है। सुविधा के नाम पर कुछ नहीं है। करों का बोझ कम कर विकास पर बजट खर्च किया जाना चाहिए। -सुमन गुप्ता, अधिवक्ता
कचहरी परिसर में भी बरसात के समय जलभराव हो जाता है। इससे परेशानी होती है। नए महापौर इस ओर भी ध्यान दें। - नितेश यादव, अधिवक्ता
शहर के कुछ इलाकों में न सफाई है और न विकास। इनसे अच्छे कई गांव हैं। निगम सुविधाएं नहीं दे रहा और टैक्स ले रहा है।   -अनिल तोमर, अधिवक्ता
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