छानबीन में एक पुलिस वाले को मरीज भी बनाना पड़ा और इलाज की डील करवानी पड़ी। पुलिस गोपीचंद के शव को बरामद करने के प्रयास में लगी है। वहीं, सीओ सरधना शिव प्रताप सिंह ने बताया कि कुछ महत्वपूर्ण कड़ियां जोड़ी गईं। तब यह मामला खोला गया।
छानबीन में अहम रहीं ये कड़ियां...
मोबाइल लोकेशन
सरधना के पोहल्ली गांव निवासी हेड कांस्टेबल गोपीचंद 26 मार्च को घर से निकला था। इसके बाद वह घर नहीं लौटा। पुलिस ने छानबीन की तो उसके मोबाइल की लोकेशन हस्तिनापुर रोड स्थित लावड़ गांव के पास मिली थी।
बाइक की बरामदगी
गोपीचंद के मोबाइल की लोकेशन के बाद पुलिस को 12 अप्रैल को उसकी बाइक हस्तिनापुर के सिरजेपुर गांव के पास गंगा किनारे मिली। इससे पुलिस को शक हुआ कि गोपीचंद की गुमशुदगी का मामला हस्तिनापुर से जुड़ा हो सकता है।
हेड कांस्टेबल की पत्नी से पूछताछ
बाद में पुलिस ने हेड कांस्टेबल की पत्नी से हस्तिनापुर के बारे में जानकारी जुटाई। उसने बताया कि गोपीचंद हस्तिनापुर में एक तांत्रिक के यहां आता-जाता था। पुलिस ने हस्तिनापुर में आश्रम चलाने वाले तांत्रिक गणेशानंद उर्फ गनपत का नंबर पता किया। गोपीचंद और तांत्रिक की कॉल डिटेल निकाली तो दोनों के बीच बातचीत मिली। हालांकि तांत्रिक आश्रम से गायब था।
तांत्रिक के खाते में रकम ट्रांसफर
शक होने पर पुलिस ने तांत्रिक के खाता खंगाला। इसमें पता चला कि 24 और 25 मार्च को गोपीचंद ने तांत्रिक को यूपीआई के माध्यम से मोटी रकम ट्रांसफर की है। इस पर शक और बढ़ गया।
सिपाही मरीज बनाकर भेजा
यह कड़ी जुड़ने के बाद भी पुलिस ने तांत्रिक को नहीं पकड़ा, बल्कि उस पर लगातार नजर रखी। तांत्रिक की लोकेशन पहले चित्रकुट में मिली। इसके बाद वह हस्तिनापुर आश्रम में पहुंचा। यहां पहुंचने के बाद पुलिस ने एक सिपाही को मरीज बनाकर उसके पास भेजा। इस पर भूत-प्रेत का साया बताया गया। तांत्रिक ने तंत्र-मंत्र से ठीक करने के नाम पर 20 हजार रुपये मांगे। इसके बाद पुलिस उसे किसी मामले में जानकारी लेने के लिए थाने लेकर पहुंची। सख्ती से पूछताछ की तो तांत्रिक ने पूरा राज ही उगल दिया। उसने बताया कि गोपीचंद तंत्रमंत्र से पत्नी को मरवाना चाहता था।