यूपी में भाजपा की सरकार बने सात माह का समय हो गया है। लेकिन पार्टी का एजेंडा साफ है। योगी ने अपनी हिंदुत्व की छवि और पार्टी के इस फार्मूले को जरा भी कमजोर नहीं किया है। बहाना निकाय चुनाव का है। लेकिन निशाना वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव पर लगाया जा रहा है। योगी ने मेरठ की रैली में भी हिंदुत्व और विकास के मिश्रण की ऐसी ही पटकथा पेश की। इरादा रहा कि वोटर को पार्टी के विचार सीधे-सीधे पहुंच सकें। यही अंदाज उन्होंने इससे पहले मुजफ्फरनगर में भी दिखाया। वेस्ट यूपी की इस चुनावी सभा में उन्होंने स्थानीय जनता की नब्ज पर हाथ धरने में कोई कसर नहीं छोड़ी।
शनिवार को मेरठ के दिल्ली रोड स्थित रामलीला मैदान में तीन बजकर 12 मिनट पर योगी ने अपने भाषण का आगाज भारत माता की जय और वंदेमातरम के साथ किया। जनता की आवाज में दम कम नजर आया तो उत्साहवर्धन के बहाने मेरठ के बाशिंदों की नब्ज पर हाथ धरा। बोले कि यह क्रांतिधरा मेरठ की आवाज नहीं लगती है। जिस आवाज ने वर्ष 1857 में पूरे देश में ऐसी ऊर्जा भरी थी कि 1947 में देश आजाद हो गया था। ऐसे ही आवाज चाहिए जो पूरे प्रदेश में गूंज जाए। बस जनता जोश में भर गई जिसका असर योगी के भाषण पर भी दिखा। उन्होंने अपने लगभग 25 मिनट के भाषण में लगभग 15 मिनट का समय पार्टी के एजेंडे को ही दिया।
उन्होंने कांवड़ यात्रा को खुलकर समर्थन करते हुए अपनी बात साफ कर दी कि पार्टी भविष्य में भी इसी तरह से की नीतियों को अपनाएगी। स्पष्ट कहा कि गाजियाबाद से हरिद्वार तक चार करोड़ कांवड़ियों ने डीजे, माइक, शंख को बजाते हुए यात्रा की। लेकिन कहीं कोई भी गड़बड़ी नहीं हुई। पुरानी सरकार को घेरा कि लोगों को शिवभक्तों के नाम पर डराया जा रहा था जबकि ऐसा कुछ नहीं है। यह बात साबित हो गई है। उन्होंने अयोध्या में दिवाली मनाने का जिक्र किया। साथ ही कहा कि जिन लोगों को अयोध्या से एलर्जी हो रही थी तो उन्हें श्रीकृष्ण के नाम से भी परेशानी होने लगी। जब उन्होंने थानों और पुलिस लाइनों में बंद पड़े कृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव को शुरू करने के लिए निर्देश जारी कर दिए। लेकिन हम इससे पीछे नहीं हटेंगे।
योगी ने साफ कहा कि प्रदेश सरकार जो कर रही है उसके दूरगामी परिणाम होंगे। विकास के मुद्दे पर सरकार तेजी से चल रही है, तो साथ ही कानून व्यवस्था पर उन्होंने खास फोकस किया। कहा कि प्रदेश में जो भी आपराधिक कृत्य करेगा, उसे ऐसी जगह भेजा जाएगा जहां कोई भी नहीं जाना चाहता। यानी उन्होंने इशारों में साफ कर दिया प्रदेश में एनकाउंटर का सिलसिला रुकने वाला नहीं है। कहा कि युवाओं को भटकने नहीं दिया जाएगा। इसके लिए रोजगार के साथ विकसित किए जा रहे हैं।
ऑड ईवन पर सवाल
योगी ने अपने भाषण में कहा कि उन्होंने मेरठ दिल्ली रैपिड ट्रेन को मंजूरी दे दी है। जब उनके पास प्रस्ताव आया और बताया गया कि 30 हजार करोड़ का प्रस्ताव है तो मैंने जवाब दिया कि चाहे और रकम खर्च हो, रैपिड जरूर चलेगी। इससे मेरठ की जनता को ऑड ईवन जैसी प्रक्रिया से भी दो-चार नहीं होना पड़ेगा।