शहर में गंगाजल पाइप लाइन का काम करने वाले ठेकेदार को पेमेंट नहीं मिला, तो उसने पानी की सप्लाई ही रोक दी। यानी लोगों के घरों तक प्रेशर के साथ पानी पहुंचना ही बंद हो गया। यही नहीं, पानी में मिट्टी की मिलावट भी पायी जा रही है। जिसके कारण जनता को न तो पर्याप्त पानी मिल रहा है और न ही साफ पानी। शिकायत के बावजूद जल निगम अधिकारी समाधान करने की बजाय मामले पर पर्दा डालने का प्रयास कर रहे हैं।
सर्किट हाउस स्थित जलाशय से साकेत, प्रभात नगर, मनोरंजन पार्क, सिविल लाइन क्षेत्र में गंगाजल की सप्लाई होती है। जल निगम के ठेकेदार ने शहर में गंगाजल की पाइप डालने का काम किया था। विभागीय सूत्रों के अनुसार ठेकेदार का काफी पेमेंट बकाया है। जिसके कारण ठेकेदार ने सर्किट हाउस जलाशय से पानी की सप्लाई कम कर दी। साथ ही पाइप लाइन में आ रहे गंदे पानी पर भी कोई ध्यान नहीं दिया। जिसका खामियाजा जनता को भरना पड़ रहा है। चार दिनों से जहां सिविल लाइन क्षेत्र की सभी कॉलोनियों में पहली मंजिल पर भी पानी नहीं पहुंच रहा है। वहीं, पानी में गंदगी आ रही है। स्थानीय लोगों की मानें तो कई बार शिकायत के बाद भी जल निगम और जलकल विभाग के अधिकारी इसका समाधान नहीं कर रहे हैं। जानकारी में आया है कि ठेकेदार को जल निगम बकाया धनराशि नहीं दे रहा है। हालांकि जल निगम के अधिकारी इस पर कुछ भी बोलने से कतरा रहे हैं।
आपस में कुछ विवाद है
लोगों की शिकायत पर हमने जल निगम अधिकारियों से बात की है। जानकारी में आया है कि ठेकेदार और कंपनी के बीच कुछ विवाद है। सोमवार तक विवाद खत्म होने की बात कही जा रही है। -दीपक सक्सेना, अधिशासी अभियंता जलकल नगर निगम
हमारे पास शिकायत नहीं
ठेकेदार के पेमेंट का कोई मामला नहीं है। अगर पानी की सप्लाई में दिक्कत आ रही है तो हम दिखवाते हैं। अब से पहले हमारे पास कोई शिकायत नहीं पहुंची थी। -आरपी सिंह, अवर अभियंता जल निगम