मेनका सिनेमा को बगैर पर्याप्त अनुमति के तोड़े जाने का मामला तूल पकड़ गया है। अपर नगरायुक्त और निर्माण विभाग के अधिकारियों ने संयुक्त रूप से मंगलवार को सिनेमा का निरीक्षण किया। वहीं पुरुषोत्तम कुमार चौबे के प्रार्थना पत्र पर जारी एनओसी को निरस्त कर दिया गया है। एक कॉपी सिनेमा के बाहर भी चस्पा कर दी गई है। साथ ही पुरुषोत्तम कुमार चौबे के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। घंटाघर के निकट मेनका सिनेमा है, जो 60 साल पहले बनाया गया था। काफी समय से ये बंद पड़ा है। तीन दिन पहले एसपी सिटी कार्यालय के बगल में सिनेमा को ध्वस्त कर दिया। अमर उजाला ने मामले को प्रमुखता से प्रकाशित किया। जिसके बाद अधिकारी हरकत में आए।
नोटिस निरस्त, सिनेमा पर कर दिया चस्पा
अपर नगरायुक्त अलीहसन कर्नी का कहना है कि पुरुषोत्तम कुमार चौबे के आवेदन और निर्माण विभाग के इंजीनियरों की रिपोर्ट पर जो पत्र जारी किया गया था। उसमें स्पष्ट है कि चौबे को बगैर मनोरंजन विभाग और अन्य विभागों की एनओसी के भवन के जर्जर हिस्से की मरम्मत कर सकता है और न ही भवन को गिरा सकता है। चौबे ने किसी विभाग से एनओसी नहीं ली है और बिल्डिंग का काफी बड़ा हिस्सा गिरा दिया है। यह पूरी तरह नोटिस और आदेश का उल्लंघन है। इसलिए पूर्व में जारी नोटिस को निरस्त कर दिया गया है। नोटिस को सिनेमा के मुख्य द्वार पर भी चस्पा कर दिया गया है।
डीएम के आदेश पर एफआईआर की तैयारी
डीएम अनिल ढींगरा के निर्देश पर नगर निगम प्रशासन ने पुरुषोत्तम कुमार चौबे के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की तैयारी शुरू कर दी है। लेकिन एफआईआर किन धाराओं में होगी, इस पर विचार चल रहा है। पुरुषोत्तम चौबे के साथ साथ स्थानीय दो अन्य लोगों के खिलाफ भी एफआईआर की तैयारी है। इस संबंध में अपर नगरायुक्त अलीहसन कर्नी का कहना है कि रिपोर्ट तो दर्ज कराई जाएगी।