पेन सबकी जरूरत है। नौकरी, व्यवसाय यहां तक की रसोई भी बिना पेन के नहीं चल सकती है। महीने की शुरुआत में राशन लिखना पड़ता है। पेन की दुनिया विशाल है। निब पेन का एक जमाना था। 1970 के बाद बॉल पेन ने एंट्री मारी। करीब 15 साल तक यह हर जेब में नजर आए। लोगों की जरूरत बन गए। वक्त के साथ जरूरत बदली और 1985 के बाद जैल पेन का लंबा दौर चला। 2000 का दशक एक तरह से जैल पेन के नाम रहा। अब निब पेन की दीवानगी लौटी है। महंगे और ब्रांडेड पेन में निब पेन की डिमांड बढ़ी है। शहर में महंगे पेन के शौकीन हैं। दूसरे जिलों के भी शौकीन यहां ब्रांडेड पेन लेने आते हैं। विपिन धनकड़ की रिपोर्ट ...
पेन का पुराना और बड़ा ठिकाना
बॉल पेन, जैल पेन और फाउंटेन पेन की सबसे पुरानी दुकान बेगमपुल पर मेरठ पेन एम्पोरियम है। इसके मालिक दीपेंद्र गुप्ता के मुताबिक 1960 में उनके पिता ने यह काम शुरू किया था। लंबे समय तक होल सेल का काम रहा। अब रिटेल में है। ब्रांडेड पेन में इनके यहां मोंट ब्लैंक, वॉटरमैन, शेफर, क्रॉस, लैमी और पार्कर आदि हैं। दुकान पर इस वक्त सबसे महंगा पेन 27500 रुपये का मोंट ब्लैंक है। निब पेन का फैशन फिर लौट आया है। ब्रांडेड पेन के खरीददार बढ़ रहे हैं। मेरठ ही नहीं आसपास के जिलों से भी पेन के शौकीन खरीदारी करने आते हैं।
27 हजार रुपये का पेन
फिलहाल मेरठ में सबसे महंगा पेन मोंट ब्लैंक का 27500 रुपये का है। यह पेन फ्रेंच और जर्मन तकनीक का बेहतरीन नमूना है। यह रोलर में है। कैप का मूवमेंट ऑटोमेटिक है। मतलब कैप खुद ही सेट होकर अपनी जगह पहुंच जाती है। मैटेलिक बॉडी है। हाथ में पेन आते ही तकनीक पता चलती है। रिफिल 750 रुपये का है। मोंट ब्लैंक में बॉल, रोलर और निब तीनों तरह के पेन आते हैं। इसके कलर रिफिल आकर्षण हैं। यह पेन हर जगह नहीं मिलते। वॉटरमैन का महंगा फाउंटेन पेन 17500 रुपये का है। इसकी निब 18 कैरेट गोल्ड में है।
ब्रांड और रेंज
मोंट ब्लैंक : 18 हजार से 75 हजार तक
वॉटरमैन : 2200 से 75 हजार तक
शेफर : 775 रुपये से 25000 तक
क्रॉस : 1450 रुपये से 6500 रुपये तक
लैमी : 2200 रुपये से 12999 रुपये तक
पॉकर : 125 रुपये से 3800 रुपये तक
(नोट: यह रेंज देश में उपलब्धता के हिसाब से है, विदेशों में ब्रांड की रेंज लाखों रुपये तक पहुंचती है)
पेन पुरुषों के आभूषण हैं। ब्रांडेड पेन के चाहने वाले पहले से रहे हैं। जैसे-जैसे लोगों पर पैसा बढ़ा है, पेन का शौक भी बढ़ा है। मेरठ ही नहीं आसपास के जिलों से भी ब्रांडेड पेन लेने आते हैं। ऐसे भी ग्राहक हैं कि वह सालों से एक ब्रांड इस्तेमाल कर रहे हैं। उसी के मुरीद हैं। अब निब पेन की फिर से डिमांड बढ़ी है।
- दीपेंद्र गुप्ता, संचालक, मेरठ पेन एम्पोरियम
जरूरत की बात करें तो लिंक पेन और लग्जरी में मोंट ब्लैंक पेन फेवरेट है। मेरे पास मोंट ब्लैंक पेन की सीरीज है। इसके कलरफुल पेन का जवाब नहीं। छह साल अमेरिका में बिजनेस किया। बाहर से भी पेन खरीदे। ब्रांडेड पेन की तकनीक और स्टाइल उसकी कीमत वसूल देती है। 2001 से ब्रांडेड पेन का शौक है।
- राजीव गुप्ता, बिजनेसमैन
मेरा फेवरेट पेन शेफर का फाउंटेन पेन है। चार साल पहले इसका इस्तेमाल किया। अब इसकी लत सी हो गई है। दिखने में तो है ही अच्छा, लिखने में भी लाजवाब है। शेफर की वैरायटी बदल लेता हूं।
- गजेंद्र धामा, पूर्व अध्यक्ष, जिला बार एसोसिएशन
बचपन में महंगे पेन का शौक था। तब आर्थिक स्थिति इतनी अच्छी नहीं थी। पिता से कह नहीं पाते थे। शिक्षक बनने के बाद महंगे पेन का शौक पूरा किया। पहला पेन शेफर का चार हजार रुपये में खरीदा है। यह पसंद आ गया। बजट में शेफर से बेहतर कुछ नहीं लगता। - डॉ. सौरभ अग्रवाल, शिक्षक