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NIA असलहा कारीगरों की खोज में, सप्लायर ‘मौज’ में, सुहेल और नईम ने खोले कई बड़े राज

Wed, 09 Jan 2019 10:49 AM IST
Priyesh Mishra गजेंद्र चौधरी, अमर उजाला, मेरठ
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अवैध असलहा बनाने व सप्लाई करने वालों को गिरफ्तार करने वाली पुलिस पीठ थपथपाती रही है। लेकिन सच ये है कि बड़ा सप्लायर पुलिस के हत्थे नहीं चढ़ा, जिससे पश्चिम उत्तर प्रदेश में हथियार सप्लायरों पर शिकंजा कसा जा सके। पुलिस साठगांठ कर सिर्फ इक्का दुक्का कारीगरों को गिरफ्तार कर हथियारों की खेप पकड़ती है और वाहवाही लूटती है। 

 
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पुलिस की लापरवाही की चलते ही अवैध हथियार सप्लायरों का नेटवर्क वेस्ट यूपी में बढ़ता जा रहा है, जिनके जरिये आईएसआईएस अपने नापाक मंसूबे पूरे करने का इरादा कर रही है। पुलिस की कार्रवाई पर सुरक्षा एजेंसियां भी सवाल उठाने लगी हैं। आईएस से जुडे़ संदिग्ध लोगों को गिरफ्तार करने के बाद एनआईए व एटीएस ने हथियार सप्लायरों की कुंडली ली है। जिसमें एनआईए ने असलहा बनाने वाले 28 कारीगरों को रडार पर लिया है।  
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आखिर कौन है वेस्ट का सरगना 
मेरठ पुलिस ने अवैध पिस्टल और तमंचे की कई फैक्टरियों का भंडाफोड़ किया। सिर्फ कारीगर पकड़ कर जेल भेजे गए। पुलिस अधिकारी प्रेसवार्ता करके दावा भी करते रहे कि मेरठ में तैयार हुए हथियारों को वेस्ट यूपी, एनसीआर और दिल्ली समेत कई राज्यों में सप्लाई किए जाते है। लेकिन सवाल बड़ा है कि आखिर वेस्ट यूपी में अवैध हथियारों का सरगना कौन है, इसका खुलासा कभी नहीं हुआ। सुरक्षा एजेंसियों ने पुलिस द्वारा पकड़े गए कारीगरों को रडार पर लिया है। ताकि सुरक्षा एजेंसियां भी आईएसआईएस के नेटवर्क तक पहुंच सकें। 

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मेरठ, मुजफ्फरनगर, शामली और हापुड़ में कई बार पुलिस ने अवैध हथियारों की फैक्टरियों के साथ आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने गंभीरता से जांच भी की। हथियार सप्लायरों की तलाश में अभियान चलाया जा रहा है। -प्रशांत कुमार, एडीजी  

 
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नईम का फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
सुहेल और नईम ने खोले हैं राज 
आईएस एक जनवरी 2019 को दिल्ली में धमाका कर सकती है, इसका इनपुट मिलने पर एनआईए और एटीएस ने 26 दिसंबर को मेरठ, हापुड़, अमरोहा समेत 17 जनपदों में एक साथ छापेमारी की थी। अमरोहा से सुहेल और मेरठ के किठौर राधना गांव से नईम को गिरफ्तार किया था। दोनों का कनेक्शन आईएस से जुड़ना बताया गया है। दोनों की निशानदेही पर सुरक्षा एजेंसियों ने राधना में तीन दिन पहले सर्च आपरेशन भी किया। दावा है कि वेस्ट यूपी में हथियारों सप्लायरों से आईएसआईएस से गहरा कनेक्शन है।  

 
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एक भी बड़ा सप्लायर नहीं आया हाथ
केस -1
तत्कालीन एसएसपी राजेश कुमार के नेतृत्व में पुलिस टीम ने तीन अगस्त 2018 को सरधना के भमौरी गांव में हथियारों की खेप पकड़ी गई। जिसमें पांच आरोपी फरमान, दिनेश ठाकुर, इनाम, अमित गिरी, अहसान और नसीम को गिरफ्तार किया गया। जिनमें एक भी हथियार सप्लायर नहीं था। पुलिस ने दावा किया कि इन कारीगरों ने आकाओं के नाम बताए। 

 
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केस -2
11 अक्तूबर 2018 को हस्तिनापुर के मिर्जापुर गांव में एसपी देहात राजेश कुमार के नेतृत्व में पुलिस टीम ने छापा मारा था। जहां से हथियार बनाने वाले कारीगर अनीस व साकिब को गिरफ्तार कर भारी मात्रा में अवैध असलहा बरामद किए गए। पुलिस के मुताबिक दोनों आरोपियों ने बताया था कि वह सिर्फ कारीगर हैं।  

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केस -3
16 मई 2018 को तत्कालीन एसपी क्राइम शिवराम यादव के नेतृत्व में सिविल लाइन पुलिस व क्राइम ब्रांच टीम ने हथियार बनाने वाले कारीगर सुहेल और शनि को गिरफ्तार किया था। पुलिस का दावा था कि इन दोनों को हथियार एक जगह पर देने भेजा जा रहा था। सवाल उठे थे कि आखिर इन हथियारों को कहा और किसको दिया जा रहा था। इसकी कोई जांच भी नहीं की। 
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एनआईए टीम - फोटो : अमर उजाला
केस -4
6 जनवरी 2019 में दिल्ली पुलिस ने लिसाड़ीगेट में छापा मारा गया। जहां से मुंगेर के पांच कारीगरों मोहम्मद सैदुल्ला, नसीम, साकिब, इंतजार और औवेश को गिरफ्तार किया था। दिल्ली पुलिस का दावा था कि कारीगरों से 84 पिस्टल बरामद की। इन कारीगरों को मेरठ में किसने बुलाया और यहां से कैसे हथियार सप्लाई होते थे। जांच मेरठ पुलिस ने नहीं की। आरोपी नहीं पकड़े गए।

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