सीएमओ कार्यालय के बाहर पहुंचे सैकड़ों कर्मचारियों में बड़ी संख्या में महिलाएं हैं। संविदा कर्मचारी संघ के जिलाध्यक्ष भगत सिंह ने बताया कि चार मांगों के संबंध में नवंबर में कर्मचारी अधिकारी से मिले थे, तब एक माह में मांगे पूरा करने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन दो माह बाद भी कोई निर्णय नहीं हुआ है। इस दौरान डॉ. अनीस अहमद, डॉ. विनोद द्विवेदी, ओमप्रकाश, दीपक यादव, विकास कुमार, सतेंद्र कुमार, विशाल राना, विनिता त्रिवेदी, माया रानी आदि रहीं।
यह हैं मांगें
-संविदा पर काम करने वाले कर्मचारी को समान कार्य समान वेतन मिले।
-संविदा कर्मचारियों का स्थायी समायोजन किया जाए।
-आशा बहनों का निश्चित मानदेय निर्धारित किया जाए।
-ठेका प्रथा को समाप्त किया जाए।
हड़ताल पर
डॉक्टर: 74
स्टाफ नर्स: 38
एएनएम: 180
टीबी विभाग कर्मी : 84
अन्य स्टाफ: 286
आशा: 1600
स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित
संविदा कर्मियों की हड़ताल से स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हुई हैं। इनकी मांगों को पर शासन स्तर से विचार होना है। इनकी बात शासन तक पहुंचा दी गई है। संविदाकर्मी इमरजेंसी सेवाएं बहाल किए हुए हैं।
-डॉ. राजकुमार, मुख्य चिकित्सा अधिकारी
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