मेरठ/ परतापुर। पांच महीने से डासना से मेरठ के बीच सुस्त गति से चल रहे कार्य को रफ्तार देने एनएचएआइ अधिकारी परतापुर पहुंचे। उन्होंने परतापुर तिराहे का निरीक्षण कर इंजीनियरों को जरूरी दिशा-निर्देश दिए। पिछले कई महीनों से कई बार मुआवजे को लेकर लोग हंगामा कर कार्य बंद करा दे रहे हैं। इसी को देखते हुए एनएचएआइ अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर एक्सप्रेसवे की जद में आ रहे भवनों के ध्वस्तीकरण के निर्देश दिए।
डासना से हापुड़ तक एक्सप्रेस-वे के चौथे चरण का काम जनवरी-2020 तक पूरा करने का वादा केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने किया है। इसी को देखते हुए एनएचएआइ अधिकारी कार्य की रफ्तार बढ़ाने के लिए साइट का दौरा कर रहे हैं। जिससे तय समय पर डासना से मेरठ (32 किमी) का निर्माण पूरा किया जा सके। चौथे चरण में दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे का प्रमुख केंद्र परतापुर तिराहा हैं। यहां इंटरचेंज सहित तीन अंडरपास तैयार किए जा रहे हैं। यहां बनाए जाने वाले इंटरचेंज से दिल्ली से देहरादून और देहरादून से दिल्ली जाने वाले यातायात को सर्विस रोड से जोड़ा जाएगा। वहीं, अछरोंडा से सोलाना तक लगभग 75 प्रतिशत कार्य हो पूरा हो चुका है। इसके अलावा बहादरपुर अंडरपास से मेरठ- दिल्ली रेलवे लाइन के पास ईंट भट्ठे वाले स्थान पर अभी कार्य रुका हुआ है। यहां बने आरओबी के लिए गिर्डर मंगाए गए हैं। रेलवे लाइन के दूसरी ओर पिलर बनने के बाद गिर्डर रखे जाएंगे। कुछ दिनों पहले भट्ठा मालिक ने मुआवजा न मिलने का आरोप लगाते हुए कार्य रुकवा दिया था। हालांकि, इस मामले पर एनएचएआइ अधिकारी कुछ भी बोलने को तैयार नहीं हैं।
आज मेरठ पहुंचेगी यात्रा, होगा रात्रि विश्राम
किसान कल्याण समिति के बैनर तले दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे का विरोध कर रहे किसानों की पदयात्रा आज मेरठ पहुंचेगी। सपा नेता अतुल प्रधान सहित सैकड़ों किसान इस पदयात्रा में शामिल हैं। शुक्रवार रात्रि किसान मेरठ कमिश्नरी में रात्रि विश्राम करेंगे। इसके बाद शनिवार को कमिश्नर अनीता सी. मेश्राम को ज्ञापन देंगे। गाजियाबाद क्षेत्र के लगभग दस गांवों से अधिक गांवों के किसान मुआवजा न मिलने का विरोध कर रहे हैं। मोदीनगर क्षेत्र के मुरादाबाद गांव में किसानों ने 19 गांवों की पंचायत कर प्रशासन को चेतावनी दी थी।