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मेरठ: नवजात शिशुओं को मिलेगा सुरक्षा कवच के साथ ममता भरा स्पर्श, जल्द शुरू होगी सुविधा 

Sun, 16 Dec 2018 04:48 PM IST
Dimple Sirohi अरीश रिजवी, अमर उजाला, मेरठ
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नवजात को सुरक्षा कवच के साथ ममता भरा स्पर्श देने के उद्देश्य से  यूपी के मेरठ में महिला जिला अस्पताल में नए साल से कंगारू मदर केयर यूनिट शुरू होने जा रही है। इसके लिए छह बेड का वार्ड तैयार किया गया है। साथ ही चार विशेष प्रकार की कुर्सियां भी लाई गई हैं, जहां नवजात ममता भरा स्पर्श पाकर स्वस्थ रहेंगे। 
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दरअसल, कमजोर नवजात तमाम कवायदों के बाद भी मौत के मुहाने तक पहुंच जाते हैं। इन्हें बचाने के लिए यह पहल की गई है। इसमें मां अपने नवजात शिशु की पूरी देखभाल के साथ उसकी कंगारू थेरेपी की तरह स्वास्थ्य लाभ दे सकेगी।

महिला जिला अस्पताल में हर साल 100 से ज्यादा नवजात ऐसे भी रहते हैं, जिन्हें कंगारू मदर केयर की जरूरत होती है। अभी तक यहां इस तरह की विशेष व्यवस्था नहीं थी। जिसके चलते कंगारू केयर यूनिट खोलने की कवायद चल रही थी। पिछले दिनों करीब ढाई लाख रुपये का बजट स्वीकृत होने के बाद यह यूनिट तैयार की गई है। 
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चिकित्सकों को देंगे ट्रेनिंग
इस योजना को लेकर काम प्रारंभ कर दिया है। चिकित्सकों और स्टाफ को इसकी ट्रेनिंग दी जाएगी। बताया जाएगा कि मां और शिशु को थेरेपी के समय किस तरह से करना है। नए साल में जनवरी के पहले सप्ताह में इसकी शुरुआत करने की योजना है। - डॉ. मनीषा, प्रमुख अधीक्षक, महिला जिला अस्पताल

यह रहा रिकॉर्ड
इस साल अक्तूबर माह तक 3113 महिलाएं प्रसव के लिए महिला जिला अस्पताल आई थीं। 2116 प्रसव यहां हुए। इनमें 1403 सामान्य प्रसव हुए और 713 सिजेरियन प्रसव हुए। इनमें 46 बच्चों की मौत हो गई थी।

ऐसे नवजात को होती है जरूरत
कई नवजात ऐसे होते हैं जो समय से पहले जन्म लेते हैं। यह नवजात नौ माह के बजाय 7 या 8 माह में पैदा होते हैं। समय से पहले जन्म शिशु के शारीरिक विकास को कम कर देता है। इस कारण औसत वजन ढाई किलो से कम वजन के नवजात जन्म लेते हैं। ऐसे नवजात में 1.80 से दो किलोग्राम तक वजन निकल रहा है।
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यह है कंगारू मदर केयर
कंगारू समय से पहले बच्चे को जन्म देता है। वह प्रीमैच्योर नवजात को अपनी थैली में रखती है। नवजात के पूर्ण विकसित होने के बाद उन्हें थैली से बाहर निकालती है। इसी तरह यहां भी इस थेरेपी में नवजात को उसकी मां के सीने से लगाकर रखना होगा। इसके लिए विशेष प्रकार की कुर्सी और बेड होंगे।

6 से 8 घंटे की थेरेपी
यहां एक बार में कम से कम एक घंटा तथा एक दिन में 6 से 8 घंटे मां अपने नवजात को कंगारू थेरेपी दे सकती हैं। कंगारू मदर केयर से मां में दूध बढ़ता है और साथ ही नवजात में भी सुरक्षात्मक गुणों का विकास होता है। 

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