- आरआरटीएस स्टेशन, फ्रेट कॉरिडोर, दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे, मोहिउद्दीनपुर स्टेशन होंगे नजदीक
माई सिटी रिपोर्टर
मेरठ। प्रदेश की पहली इंटीग्रेटेड टाउनशिप न केवल शहर बल्कि पूरे प्रदेश के लिए सौगात से कम नहीं होगी। हाईवे के साथ ही कुछ ग्रामीण इलाकों में फीडर मार्ग से कनेक्टिविटी होगी। यह टाउनशिप शहर के एक छोर पर होगी। यहां से गाजियाबाद, नोएडा, गुरुग्राम, दिल्ली, फरीदाबाद जैसे शहरों में पहुंचना आसान होगा। यहां आबादी के साथ ही उद्योग विकसित होंगे। अभी तक 54 हेक्टेयर जमीन खरीदी जा चुकी है।
मेरठ विकास प्राधिकरण (मेडा) पहले फेज के तहत 142 हेक्टेयर में टाउनशिप विकसित करेगा। इसके साथ ही स्पेशल डवलपमेंट एरिया (एसडीए) भी प्रस्तावित है। एनसीआरटीसी ने यहां मिश्रित भू उपयोग रखा गया है। यहां रिहाइश के साथ ही औद्योगिक गतिविधियां भी होंगी। मेरठ साउथ स्टेशन पर रैपिड और मेट्रो दोनों ही ट्रेनों की सुविधा यात्रियों को मिलेगी। रैपिड लगातार चल रही है। यहां से ट्रेन बदलकर आसानी से सफर किया जा सकेगा। इसके अलावा यहां बस टर्मिनल भी बनाया जाएगा, जिसका काम दो महीने के भीतर शुरू होने की संभावना है।
दूसरी ओर इस टाउनशिप से शहर के साथ ही आसपास के जिलों से भी आवागमन आसान होगा। आरआरटीएस स्टेशन, डेडिकेटेड फ्रेट कॉरीडोर, दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे, मोहिउद्दीनपुर स्टेशन की दूरी यहां से महज डेढ़ किमी रहेगी। वहीं, सिटी स्टेशन से दस और परतापुर से चार किमी की दूरी रहेगी। ऐसे में यहां तैयार सामान को बाजार भी सुलभता से मिलेगा। वहीं जून तक मोदीपुरम से पूरे मेरठ में रैपिड शुरू होने का लक्ष्य है। परतापुर, गगोल सहित अन्य ग्रामीण क्षेत्रों से भी फीडर मार्ग के माध्यम से टाउनशिप जुड़ेगी।
- यह प्रदेश की पहली इंटीग्रेटेड टाउनशिप होगी, जिसकी कनेक्टिविटी शहर के हर ओर से होगी। हाईवे के साथ ही कुछ ग्रामीण इलाकों को फीडर मार्ग के जरिए जोड़ा जाएगा। रैपिड-मेट्रो से जहां सफर सुहाना होगा तो वहीं बस टर्मिनल बनने से कहीं भी बस में आया जा सकेगा। इसमें आबादी के साथ ही औद्योगिक गतिविधियों का भी संचालन होगा। - विजय कुमार सिंह, मुख्य नगर नियोजक मेडा।
24jjrp15- बेरी। कार्यक्रम को संबोधित करते इंद्रेश कुमार। स्त्रोत- आयोजक- फोटो : udhampur