मेरठ। खूबसूरत परिसर, हाईटेक हाजिरी और बेहतर सुविधाएं और कड़ा अनुशासन। अब यह नई पहचान है यूपी बोर्ड के कुछ स्कूलों की। ऐसे स्कूल अब अन्य विद्यालयों के लिए भी आदर्श बन रहे हैं। इन्हीं में शामिल है यूपी बोर्ड का एंग्लो संस्कृत (एएस) इंटर कॉलेज मवाना। यह सीबीएसई बोर्ड के स्कूलों को टक्कर दे रहा है। यह स्कूल छात्र संख्या के मामले में भी जिले में अग्रणी है। तकनीक के बेहतर प्रयोग के साथ यहां शिक्षा दी जा रही है।
यहां शिक्षकों व छात्रों की ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज हो रही है। इसके आधार पर यूपी बोर्ड पूरे प्रदेश के स्कूलों में छात्रों की भी ऑनलाइन हाजिरी अनिवार्य करने जा रहा है। एएस इंटर कॉलेज मवाना की स्थापना 1915 में साहू बनारसी दासजी कौशिक व खैराती रामजी कौशिक ने की थी। यूपी बोर्ड से मान्यता प्राप्त यह स्कूल हिंदी और अंग्रेजी माध्यम से शिक्षा देने वाले गिने-चुने स्कूलों में शामिल है।
प्रधानाचार्य डॉ. मेघराज सिंह ने बताया कि शिक्षकों की हाजिरी फेस इम्प्रेशन से लगती है तो छात्रों की उपस्थिति मोबाइल एप के जरिए लग रही है। छात्र के अनुपस्थित होते ही अभिभावकों पर भी एसएमएस पहुंच जाता है। पूरे स्कूल में सुरक्षा के लिए 108 आईपी कैमरे लगे हैं। आईकार्ड से लेकर परीक्षा प्रवेश पत्र, मार्कशीट पूरी तरह से कंप्यूटराइज्ड मिल रही हैं। पढ़ाई के मामले में भी स्कूल अव्वल है। इसी वर्ष हाईस्कूल की छात्रा वैष्णवी सिंघल ने यूपी टॉप टेन मेरिट में जगह बनाई है। उन्होंने कहा कि नए प्रयासों में प्रबंध तंत्र का भी पूरा सहयोग मिल रहा है।
अन्य स्कूलों को भी ऐसा बनवाएंगे
संयुक्त शिक्षा निदेशक मेरठ मंडल ओंकार शुक्ल का कहना है कि एएस इंटर कॉलेज एक मॉडल विद्यालय है। अब यूपी बोर्ड के अन्य स्कूलों में शिक्षकों की बायोमैट्रिक हाजिरी लगनी शुरू हो गई है। सभी स्कूलों में छात्रों की भी ऑनलाइन हाजिरी की तैयारी चल रही है। गाजियाबाद के राजकीय इंटर कॉलेज विजयनगर और राजकीय कन्या इंटर कॉलेज होशियारपुर गौतमबुद्ध नगर में भी टेक्नोलॉजी का बेहतरीन प्रयोग हो रहा है।