तमाम योजनाओंं और कई प्रयास के बाद भी न तो मेरठ की हवा सुधर सकी। न ही कूड़े के पहाड़ों का निस्ताारण हो सका। हवा सुधारने के लिए लागू किए गए ग्रेप के चरण भी नाकाफी साबित हुए। कूड़े के निस्तारण के लिए शासन से लेकर नगर निगम तक के सारे प्रयास विफल साबित हुए।
मेरठ देश में नौवां सबसे प्रदूषित शहर, एक्यूआई 348 पहुंचा
संवाद न्यूज एजेंसी
मोदीपुरम। प्रदूषण से अभी राहत नहीं मिली। मंगलवार को मेरठ देश के सबसे प्रदूषित शहरों की गिनती में नौवे स्थान पर रहा। मेरठ का एक्यूआई 348 दर्ज किया गया।
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा जारी बुलेटिन में देश के 244 शहरों की सूची में मेरठ नौवे स्थान पर रहा है। शहर में सबसे ज्यादा पल्लवपुरम प्रदूषित रहा है। पल्लवपुरम में एयर क्वलिटी इंडेक्स 378 पर पहुंच गया, जबकि दूसरे नंबर पर बेगमपुल 370 रहा। जयभीमनगर में 323, गंगानगर में 344, दिल्ली रोड में 368 दर्ज किया गया। प्रदूषण का स्तर लगातार बढ़ने के चलते सांस, ह्दय के मरीजों को परेशानी हो रही है। ऐसे में चिकित्सक लगातार बच्चों व बुजुर्गो को मॉस्क लगाकर रखने की सलाह दे रहे हैं। डॉ. दिव्यांशु सेंगर ने बताया कि बढ़ते प्रदूषण से सांस के रोगी की संख्या बढ़ रही है। बच्चों में भी अभी से यह समस्या देखने को मिल रही है। उन्होंने बताया कि अभिभावक बच्चों को मॉस्क लगाकर ही स्कूल भेजें।
दिन का तापमान गिरा, रात में हुई बढ़ोतरी
मोदीपुरम। मौसम में लगातार बदलाव देखने को मिल रहा है। मंगलवार को दिन के तापमान में मामूली गिरावट दर्ज की गई, जबकि रात का तापमान फिर से 11 डिग्री के पार पहुंच गया। रविवार को रात का तापमान लुढ़कर 10 डिग्री पहुंच गया था। सरदार वल्लभ भाई पटेल कृषि विवि के मौसम वैज्ञानिक डॉ. यूपी शाही का कहना है कि तापमान में अब गिरावट होगी, जिससे ठंड बढ़ेगी। अधिकतम तामपान 26.0 डिग्री व न्यूनतम तापमान 11.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
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नगर निगम नहीं करा पाया कूड़े का निस्तारण, एनजीटी ने मांगी कार्ययोजना
एनजीटी की वर्चुअल पेशी में नगर निगम की तरफ से जवाब दिया
माई सिटी रिपोर्टर
मेरठ। लोहियानगर, मंगतपुरम और गांवड़ी में खड़े कूड़े के पहाड़ के निस्तारण में नगर निगम लाचार साबित हो रहा है। बार-बार एनजीटी के निर्देश के बाद भी स्थिति में सुधार नहीं हुआ। मंगलवार को लोहियानगर में कूड़े के निस्तारण को लेकर हुई वर्चुअल सुनवाई में एनजीटी ने नगर निगम को फिर सख्त हिदायदत दी। तीन-,तीन माह में अलग-अलग चरणों में कूड़े के निस्तारण को लेकर कार्ययोजना बनाकर पेश करने को कहा। साथ ही निर्देश दिए कि इस समयावधि में किए गए काम का विवरण भी प्रस्तुत करें। मामले की अगली सुनवाई 31 जनवरी को होगी।
जून 2023 को एनजीटी की टीम ने लोहियानगर का निरीक्षण किया था। कूड़े का पहाड़ और दूषित होते भूगर्भ जल पर नाराजगी जताते हुए पांच हजार करोड़ का जुर्माना लगाने की चेतावनी दी थी। नगर निगम को तीन माह में कूड़े के निस्तारण के निर्देश दिए थे। लेकिन हालात सुधरने की बजाए इतने बिगड़ गए कि कूड़े का पहाड़ आउटर रिंग रोड के लिए बाधा बन गया। इसको लेकर लोकेश खुराना ने एनजीटी में शिकायत दर्ज कराई थी। इसे लेकर मंगलवार को शिकायतकर्ता लोकेश खुराना और नगर निगम की तरफ से एक प्रतिनिधि पेश हुए। नगर निगम की तरफ से वकील वैभव मिश्रा ने बताया कि एनजीटी ने अलग-अलग फेज में कूड़े के निस्तारण को लेकर कार्ययोजना पेश करने को कहा है।
सब फेल, समाधान का उम्मीद
लोहियानगर के अलावा गांवड़ी में कूड़े का प्लांट चालू कराने में भी निगम फेल है। इसके अलावा मंगतपुरम से कूड़ा निस्तारण करने के लिए तीन महीने से स्वच्छ भारत मिशन के तहत 9.20 करोड़ रुपया आया, लेकिन मामला सिर्फ टेंडर की प्रक्रिया में ही उलझा रहा। प्रभारी नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. हरपाल सिंह का कहना कि कूड़ा निस्तारण कराने के लिए लोहियानगर में लगे प्लांट की क्षमता बढ़ाने का प्रयास चल रहा है। मंगतपुरम में कूड़ा का निस्तारण करने के लिए टेंडर की प्रक्रिया चल रही है। जल्द ही समाधान हो जाएगा।