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Meerut News: जांच में नशा मुक्ति केंद्र की लापरवाही उजागर, मरीजों का रिकॉर्ड और दवाएं नहीं मिलीं

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मेरठ। टीपीनगर के वेदव्यासपुरी स्थित जय अंबे फाउंडेशन नशा मुक्ति केंद्र में स्वास्थ्य विभाग की जांच में लापरवाही उजागर हुई है। मरीजों का रिकॉर्ड और दवाएं नहीं मिलीं। नशा मुक्ति केंद्र संचालक से स्पष्टीकरण मांगा गया है। इसके बाद कार्रवाई की जाएगी।
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इस केंद्र में मंगलवार को युवक प्रियांशु उर्फ किन्नू निवासी मोहाली पंजाब ने फंदा लगा लिया था। उसी रात उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई थी। सीएमओ डॉ. अशोक कटारिया ने बताया कि अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. पूजा शर्मा और डॉ. कान्ति प्रसाद ने शुक्रवार दोपहर 12 बजे केंद्र पहुंचकर विस्तृत जांच की।जांच के दौरान पाया गया कि नशा मुक्ति केंद्र राज्य मानसिक स्वास्थ्य प्राधिकरण (लखनऊ) से पंजीकृत नहीं है। केंद्र में किसी भी चिकित्सक की तैनाती नहीं थी। वहां करीब 15 मरीज भर्ती पाए गए मगर उनमें से किसी का भी रजिस्टर या रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं था। मरीजों को दी जा रही औषधियां भी मौजूद नहीं थीं। परिसर की सफाई व्यवस्था बेहद खराब मिली और कोई आपात चिकित्सकीय सुविधा भी नहीं थी।जांच के समय केंद्र का संचालक मनीष अनुपस्थित था। मौके पर केवल रिसेप्शनिस्ट और एडवोकेट मौजूद थे। जांच अधिकारियों ने रिपोर्ट में उल्लेख किया है कि संस्थान का संचालन पूरी तरह से असंवैधानिक और लापरवाहीपूर्ण तरीके से किया जा रहा था जिससे मरीजों की जान को गंभीर खतरा हो सकता है।
इस पर कड़ा रुख अपनाते हुए संस्थान संचालक को आदेश जारी किया है कि वह तुरंत केंद्र को खाली कराएं और सभी मरीजों को उनके परिवारजनों को सौंपने की प्रक्रिया पूरी करें। इसके प्रमाणस्वरूप एक सत्यापित एफिडेविट तीन दिन के भीतर जमा कराने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही पूरे प्रकरण पर लिखित स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने को भी कहा गया है।
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सीएमओ ने बताया कि अगर नियमों का पालन नहीं किया गया या रिपोर्ट संतोषजनक नहीं मिली तो केंद्र संचालक के खिलाफ विधिक और दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल विभाग द्वारा नशा मुक्ति केंद्रों की सूची तैयार कर जिले में सभी संस्थानों की जांच का निर्देश जारी किए गए हैं।
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