लापरवाही : क्वारंटीन सेंटर पर लगा मिला ताला, गायब मिले संक्रमित के परिजन
मेरठ। कोरोना पॉजिटिव के परिजन और उनसे मिलने वालों को क्वारंटीन करने में बड़ी लापरवाही बरती जा रही है। इसका खुलासा भावनपुर के गांव मोरना के क्वारंटीन सेंटर से हुआ है। रविवार को यहां एक महिला और प्रधान समेत छह लोगों को क्वारंटीन किया गया था। बुधवार को शिकायत पर स्वास्थ्य विभाग और डब्ल्यूएचओ की टीम क्वारंटीन सेंटर पर पहुंची तो वहां ताला लटका मिला और क्वारंटीन लोग गायब मिले। खोजबीन के बाद सभी अपने घरों में मिले। इन सभी को चेतावनी देते हुए अब होम क्वारंटीन किया गया है।
मोरना गांव में दो पक्षों में मारपीट के बाद पुलिस ने 26 मई को एक पक्ष के एक व्यक्ति और उसके दो बेटों को अस्थायी जेल भेजा था। इनसे मुलाकात करने के लिए इस व्यक्ति की पत्नी, ग्राम प्रधान, पूर्व प्रधान और तीन ग्रामीण समेत छह लोग रविवार सुबह अस्थायी जेल पहुंचे थे। रविवार शाम को ही रिपोर्ट आई कि जेल में बंद वह व्यक्ति और उसका एक बेटा कोरोना पॉजिटिव निकले हैं। जिसके बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम ने गांव में पहुंचकर इस व्यक्ति की पत्नी और प्रधान समेत सभी छह लोगों को गांव की प्राइमरी पाठशाला में बने सेंटर में क्वारंटीन कर दिया था।
भावनपुर सीएचसी के प्रभारी डॉ. रोहित वर्मा ने बताया कि गांव के कुछ लोगों ने शिकायत की थी कि जिन लोगों को क्वारंटीन किया गया था, वह सभी गांव में घूम रहे हैं। जिसके बाद डॉ. वर्मा, यतेंद्र तेवतिया व डब्ल्यूएचओ से हिना बुधवार को जांच करने क्वारंटीन सेंटर पहुंची तो वहां ताला लगा मिला। डॉ. वर्मा के अनुसार गांव में जाकर तलाश की गई तो सभी लोग अपने घरों में मिले। पूछने पर पता चला कि ये सभी लोग रविवार रात को ही क्वारंटीन सेंटर छोड़कर अपने घर चले गए थे। स्वास्थ्य विभाग के जिला स्तर के अधिकारियों से इन्होंने बात कर ली थी। इन सभी को होम क्वारंटीन किया गया है। शुक्रवार को सभी के सैंपल लिए जाएंगे।