चौधरी चरण सिंह विवि में अधिकारियों के निर्देशों के बावजूद मार्कशीट बनाने में लापरवाही की जा रही है। मंगलवार को तो तमिलनाडु के मुख्यमंत्री के ओएसडी के रिश्तेदार की मार्कशीट बनाने में लापरवाही का मामला सामने आया। लगातार शिकायतें मिलने पर रजिस्ट्रार ने गोपनीय विभाग में छापेमारी की। इस दौरान काउंटर से गायब मिले एक कर्मचारी को रजिस्ट्रार ने जमकर फटकार लगाई।
सीसीएसयू कैंपस में रोजाना पांच सौ से ज्यादा छात्र-छात्राएं डिग्री-मार्कशीट आदि बनवाने के लिए आते हैं। सिंगल विंडो सिस्टम के तहत उनके पते पर प्रमाण भेजे जाते हैं। वैसे तो मार्कशीट भेजे जाने का समय सात दिन है लेकिन आवेदन की अधिकता को देखते हुए इसे 15 दिन किया गया है। इसके बावजूद कुछ कर्मचारी काम में लापरवाही कर रहे हैं। कई छात्रों की शिकायत होती है कि उनकी मार्कशीट सही कराकर भेजने की बजाय पुरानी मार्कशीट ही पते पर भेज दी।
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री के ओएसडी के रिश्तेदार की भी तत्काल में मार्कशीट बननी थी। इस पर अधिकारियों ने आदेश भी किए थे, लेकिन यह नहीं बनाई गई। मंगलवार को इस मामले की शिकायत मिली तो रजिस्ट्रार धीरेंद्र कुमार वर्मा ने गोपनीय विभाग में छापा मार दिया। एक काउंटर पर अंधेरा पड़ा था। यहां से कर्मचारी गायब था। रजिस्ट्रार ने तुरंत उसे तलब किया तो वह काम का बहाना बनाने लगा। रजिस्ट्रार ने उसको चेतावनी दी कि आगे से छात्रों को परेशानी हुई तो कार्रवाई करेंगे। लाइट बंद के बारे में पूछा तो उसने बताया कि ट्यूबलाइट खराब है। इसके बाद गोपनीय विभाग प्रभारी से स्पष्ट किया कि मार्कशीट बनाने में क्या समस्याएं आ रही हैं।