नेशनल कैपिटल रीजन ट्रांसपोर्ट कारपोरेशन (एनसीआरटीसी) की तरफ से रैपिड रेल निर्माण को गति दी जा रही है। रैपिड रेल के एलाइनमेंट में आने वाले भवनों का निर्माण भी एनसीआरटीसी कराएगा।
इसके लिए टेंडर प्रक्रिया को शुरू किया गया है। तीन अक्तूबर को टेंडर के लिए बिड लगाई जाएगी। बीते दिनों मोदीपुरम स्थित कृषि विवि में एनसीआरटीसी और विवि प्रशासन के बीच बैठक हुई थी। इस खबर को अमर उजाला ने प्रमुखता से प्रकाशित किया था।
मोदीपुरम स्थित कृषि विवि की रैपिड में जा रही भूमि के एवज में एनसीआरटीसी विवि को भवन बनाकर देगा। विवि में नए सिरे तैयार होने वाली लैब के भवन में करीब 10 करोड़ रुपये लागत आएगी। वहीं लैब को अत्याधुनिक उपकरणों से लैस करने में करीब 30 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इसका प्रस्ताव तैयार कर लिया गया है। यह देश की पहली अत्याधुनिक लैब होगी।
यहां जैविक उत्पादों की जांच और शोध किया जाएगा। कृषि विवि का ओल्ड कैंपस मोदीपुरम हाईवे पर स्थित है। यहां से रैपिड रेल का एलाइनमेंट तय किया गया है। यहां पर विवि की बायो कंट्रोल लैब और पाली गार्डन है। इसका निर्माण भी एनसीआरटीसी कराएगा।
कृषि विवि में बनेंगे 29 पिलर
मोदीपुरम से निकाले जाने वाले रैपिड रेल एलाइनमेंट में कृषि विवि, भारतीय कृषि प्रणाली अनुसंधान, केंद्रीय आलू अनुसंधान सेंटर की जमीन जा रही है। इसमें भारतीय कृषि प्रणाली अनुसंधान की दो हजार वर्ग मीटर भूमि और कृषि विवि की छह हजार वर्ग मीटर जमीन जा रही है। कैंपस में 29 पिलर बनाए जाने हैं। इससे विवि का पूरा स्ट्रक्चर ही बदल जाएगा।