इंद्र्रप्रस्थ प्रदेश संघर्ष मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने कमिश्नरी पर प्रदर्शन कर एनसीआर को दिल्ली राज्य में जोड़कर इंद्रप्रस्थ राज्य गठन की मांग की। संगठन अध्यक्ष अशोक सिवाच ने कहा कि अनादिकाल से दिल्ली और उससे लगे पौराणिक क्षेत्र हस्तिनापुर, बरनावा, हरियाणा और पश्चिमी यूपी के कुछ भागों को मिलाकर जो क्षेत्र बनता था वह इंद्रप्रस्थ नाम से जाना जाता था।
भाजपा अपने चुनावी वादे का भूल गई है। मंडलायुक्त को राष्ट्रपति के नाम सौंपे ज्ञापन में मेरठ, सहारनपुर और अलीगढ़ मंडल को दिल्ली प्रदेश में शामिल कर वृहद दिल्ली प्रदेश का गठन करने, दिल्ली का पूर्ण राज्य का दर्जा देकर उसका नाम इंद्रप्रस्थ राज्य करने, न्याय के मंदिरों में फल फूल रहे भ्रष्टाचार में संलिप्त अधिकारियों व कर्मचारियों की जवाबदेही सुनिश्चित करने, स्कूलों में एक समान शिक्षा व्यवस्था करने, डॉक्टरों की फीस 100 रुपये फिक्स करने आदि की मांग की गई है। डॉ. आफताब अली, डॉ. आईडी गौतम आदि भी शामिल रहे।
शिकायत पत्र दिया
मेरठ इंद्रप्रस्थ प्रदेश संघर्ष मोर्चा ने मंडलायुक्त के नाम तहसीलदार मेरठ राजबहादुर के खिलाफ शिकायती पत्र भी दिया। पत्र में मवाना रोड के ग्राम बहचौला निवासी कमलेश पत्नी कटार सिंह द्वारा जमीन नहीं बेंचने पर भी जमीन का दाखिल खारिज गुरमीत सिंह व चंद्रिका अरोड़ा के नाम करने का आरोप लगाया गया है। मामले में पीड़िता को न्याय दिलाने की मांग की गई है।