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प्रदूषण से नहीं राहत: दिवाली से पहले ही मेरठ की हवा खतरनाक, शताब्दीनगर में एक्यूआई 439; घरों में रहने की सलाह

Thu, 05 Nov 2026 09:38 AM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ

सार

दिवाली से पहले मेरठ की हवा जहरीली हो गई है। शताब्दीनगर में एक्यूआई 439 और शहर का औसत एक्यूआई 271 दर्ज किया गया। बागपत और गाजियाबाद में भी प्रदूषण बढ़ा।

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मेरठ में रात के समय प्रदूषण - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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दिवाली से पहले ही मेरठ और एनसीआर की हवा लोगों की सेहत पर भारी पड़ने लगी है। गुरुवार को मेरठ के शताब्दीनगर में वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 439 तक पहुंच गया, जबकि शहर का औसत एक्यूआई 271 दर्ज किया गया। बागपत और गाजियाबाद में भी हवा की गुणवत्ता खराब बनी हुई है। प्रदूषण के चलते लोगों को आंखों में जलन, गले में खराश और सांस लेने में परेशानी हो रही है। दिवाली पर आतिशबाजी के बाद हालात और बिगड़ने की आशंका है। 

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शताब्दीनगर में एक्यूआई 439, मेरठ का औसत 271
दिवाली से पहले एनसीआर में वायु प्रदूषण का स्तर लगातार बढ़ रहा है। मेरठ के शताब्दीनगर क्षेत्र में गुरुवार को एक्यूआई 439 दर्ज किया गया। यह बेहद गंभीर स्तर है। वहीं, पूरे शहर का औसत एक्यूआई 271 रहा। आसपास के जिलों में भी हवा की गुणवत्ता खराब बनी हुई है। बागपत का एक्यूआई 280, गाजियाबाद का 265 और मुजफ्फरनगर का 222 दर्ज किया गया।

प्रदूषण बढ़ने से लोगों को आंखों में जलन, गले में खराश और सांस लेने में परेशानी जैसी शिकायतें हो रही हैं। सुबह और शाम के समय इसका असर अधिक महसूस किया जा रहा है। सड़कों पर निकलने वाले लोगों को धूल और धुएं के कारण परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

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रात में तापमान गिरने से बढ़ रहा प्रदूषण का असर
मौसम में बदलाव के साथ सुबह और शाम ठंड बढ़ने लगी है। रात के तापमान में गिरावट और हवा की धीमी गति के कारण प्रदूषक कण वातावरण में फैल नहीं पा रहे हैं। धूल, धुआं और अन्य हानिकारक कण हवा में जमा हो रहे हैं। ऐसे में सुबह के समय प्रदूषण का प्रभाव अधिक महसूस किया जा रहा है।

दिवाली पर आतिशबाजी से और बिगड़ सकते हैं हालात
पहले से खराब हवा के बीच दिवाली पर होने वाली आतिशबाजी प्रदूषण का स्तर और बढ़ा सकती है। पटाखों से निकलने वाला धुआं और हानिकारक कण वातावरण को अधिक प्रदूषित कर सकते हैं। इसका सबसे ज्यादा असर बच्चों, बुजुर्गों और अस्थमा समेत सांस संबंधी बीमारियों से जूझ रहे लोगों पर पड़ने की आशंका है।

ऐसे लोगों को सुबह और शाम प्रदूषण के अधिक प्रभाव वाले समय में बाहर निकलने से बचने की सलाह दी जाती है। जरूरत पड़ने पर मास्क का इस्तेमाल भी किया जा सकता है।
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प्रदूषण से बचने के लिए घर के अंदर करें व्यायाम
विशेषज्ञों के अनुसार, प्रदूषण का स्तर अधिक होने पर अनावश्यक रूप से घर से बाहर निकलने से बचना चाहिए। सुबह-शाम खुले स्थानों पर दौड़ने या व्यायाम करने के बजाय घर के अंदर ही शारीरिक गतिविधियां करना बेहतर है। आंखों में जलन या सांस लेने में परेशानी होने पर लापरवाही नहीं बरतनी चाहिए। दिवाली पर पटाखों से दूरी बनाकर पर्यावरण के अनुकूल तरीके से त्योहार मनाने की जरूरत है।
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