व्यापारियों की सुरक्षा को लेकर पुलिस अफसरों ने प्लान तैयार करना शुरू कर दिया है। शनिवार को डीजीपी ओपी सिंह ने पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि व्यापारी सुरक्षा प्रकोष्ठ नए तरीके से गठित किया जाए। व्यापारियों की सुरक्षा में किसी भी स्तर पर चूक नहीं होने दी जाएगी।
व्यापारी सुरक्षा प्रकोष्ठ का गठन पहले ही किया जा चुका था। लेकिन न तो व्यापारियों की समस्याओं का समाधान निकला और माह में दो बार होनी वाली संयुक्त बैठक भी कागजों में ही सिमट गई। आपराधिक घटनाओं के होने के बाद व्यापारी सड़कों पर उतरते हैं। जिसके बाद पुलिस अफसरों को काफी मशक्कत करनी पड़ती है। अभी तक व्यापारी सुरक्षा प्रकोष्ठ के नोडल अधिकारी सीओ कोतवाली दिनेश शुक्ला हैं। डीजीपी ने पुलिस अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि एक सप्ताह में व्यापारी सुरक्षा प्रकोष्ठ शुरू कर दिया जाए। इसमें एसपी सिटी, एसपी देहात और जिले में जो भी एडिशनल एसपी हैं उनकी जिम्मेदारी तय की जाएगी। जो प्रत्येक सप्ताह इसकी रिपोर्ट एसएसपी और उच्च अधिकारियों को देंगे।
सुरक्षा प्लान तैयार कर रही पुलिस
एसएसपी मंजिल सैनी ने बताया कि सराफा बाजार, सदर बाजार, आबूलेन, बेगमपुल, लालकुर्ती, देहली गेट, शास्त्रीनगर सेंट्रल मार्केट में सुरक्षा को लेकर पुलिस की ड्यूटी तैनात रही है। व्यापारी सुरक्षा प्रकोष्ठ पर भी पुलिस पूरा प्लान तैयार कर रही है। व्यापारियों की सुरक्षा पुलिस की प्राथमिकता है। इसके लिए मीटिंग भी निर्धारित कर दी जाएगी।
अफसर लापरवाह रहे
मुख्यमंत्री ने सरकार बनने के बाद घोषणा की थी। व्यापारियों की सुरक्षा के लिए जिला स्तर पर व्यापारी सुरक्षा प्रकोष्ठ का गठन किया जाए। सरकार व्यापारियों की सुरक्षा के प्रति संवेदनशील है। व्यापारियों की समस्याओं का समाधान हो। लेकिन यह दुर्भाग्य है कि इसका स्थानीय स्तर पर पालन नहीं हुआ। अफसर इसके प्रति लापरवाह रहे हैं। व्यापारियों की सुरक्षा की अनदेखी की गई है। डीजीपी ने जिस तरह से मेरठ में कहा है, इससे व्यापारियों का पुलिस के प्रति विश्वास बढ़ेगा। सुनवाई नहीं होगी तो समस्याएं बढ़ती जाएंगी। -अरुण वशिष्ठ, महामंत्री संयुक्त व्यापार संघ
आदेश घोषणा बनकर न रहे
व्यापारियों की सुरक्षा को लेकर प्लान तो अच्छा है। लेकिन डीजीपी का यह आदेश घोषणा बनकर न रहे। पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों को व्यापारियों की समस्याओं को सुनना पड़ेगा। व्यापारियों के हित के लिए यह सरकार का अच्छा कदम है। व्यापारी सुरक्षा प्रकोष्ठ के माध्यम से व्यापारी अपनी समस्याओं को रख सकेंगे। इस प्रकोष्ठ को लेकर डीजीपी ने जो बात कही है, उससे व्यापारियों में पुलिस के प्रति विश्वास बढ़ेगा। -रजनीश कौशल, महामंत्री जिला केमिस्ट एंड ड्रग्स एसोसिएशन
राजनीतिक लोग न शामिल करें
व्यापारी सुरक्षा प्रकोष्ठ के गठन की घोषणा सरकार का अच्छा फैसला है। इससे व्यापारियों की बात सरकार तक पहुंचेगी। लेकिन इसमें राजनीतिक लोगों को शामिल न किया जाए। जो व्यापार मंडल या व्यापार संघ में काम कर रहे हैं, उनको ही स्थान मिलना चाहिए। तभी इसके गठन का फायदा मिल सकेगा। -नवीन गुप्ता अध्यक्ष संयुक्त व्यापार संघ