नये साल के जश्न पर इस बार जीएसटी विभाग की तीखी नजर रहेगी। एक तरफ जहां तमाम सरकारी विभागों के माध्यम से जीएसटी विभाग आंकड़े जुटायेगा, वहीं उसकी अपनी भी सात टीमें शहर में होने वाले जश्न पर नजर रखेगी। ऐसे में इस बार जश्न के बाद आयोजकों के लिए टैक्स की चोरी कर पाना आसान नहीं होगा।
शहर में नये साल के जश्न की तैयारी लगभग पूरी हो चुकी है। आधा दर्जन होटल और फार्म हाउस संचालकों ने नये साल के जश्न की स्वीकृति एडीएम सिटी कार्यालय से ली है। लेकिन कुछ लोग गोपनीय रूप से बिना अनुमति के ही पार्टी की तैयारी में लगे हैं। इसके लिए गुपचुप तरीके से सोशल मीडिया का सहारा लिया जा रहा है। लेकिन जीएसटी विभाग ने इस पर भी अपनी नजर गड़ा दी है।
जीएसटी के ज्वाइंट कमिश्नर पीपी सिंह ने बताया कि उनका विभाग जिला प्रशासन, पुलिस, विद्युत निगम, नगर निगम के साथ ही इवेंट कराने वाली कंपनियों से जश्न पर होने वाले आय व खर्च के साथ आने वाले लोगों की संख्या का आंकड़ा जुटाएगा। इस आंकड़े के साथ ही विभाग की सात टीमें तैयार कर उन्हें क्षेत्रवार लगाया जाएगा। ये टीमें अपने-अपने क्षेत्र में होने वाले जश्न पर नजर रखते हुए रिपोर्ट तैयार करेंगी। इसके बाद कुल व्यापार पर 18 प्रतिशत की दर से टैक्स वसूला जाएगा।