निगम सीमा क्षेत्र से सटे गांवों को नगर निगम में शामिल करने का गजट जल्द जारी हो सकता है। ऐसे 26 गांवों को शामिल करने का प्रस्ताव है। इन गांवों के शामिल होते ही नगर निगम में वार्डों की संख्या 80 से बढ़कर 90 हो जाएगी। खास बात यह है कि इससे वार्डों का परिसीमन भी बदल जाएगा। परिसीमन बदलने के कारण राजनैतिक तौर पर बड़े बदलाव होने की संभावना है। शासन के निर्देश पर नगर निगम प्रशासन एक माह पहले ही तहसील राजस्व विभाग की रिपोर्ट निगम बोर्ड में पास कराकर और कमिश्नर की संस्तुति के बाद उप्र सरकार को भेज चुका है।
नगर निगम चुनाव से पहले विस्तार की तैयारी
नगर विकास विभाग के संयुक्त सचिव के निर्देशों पर नगर निगम, राजस्व विभाग द्वारा तैयार की गई निगम सीमा से सटे 26 गांवों की सर्वे रिपोर्ट तैयार की गई। इसके बाद उस रिपोर्ट पर निगम बोर्ड व कमिश्नर जल्द संस्तुति से साफ जाहिर हो रहा है कि आगामी नगर निगम चुनावों से पहले ही नगर निगम सीमा का विस्तार होना है। शहर विस्तार के बाद परिसीमन होगा और निगम के वार्डों की संख्या बढ़ जाएगी।
29 साल बाद होने वाला है सीमा विस्तार
निगम प्रशासन की माने तो 1987 में नगर निगम सीमा का विस्तार हुआ था। उसमें दो दर्जन से अधिक गांवों को नगर निगम में शामिल किया गया था। अब फिर से उप्र सरकार ने नगर निगम सीमा से सटे सभी गांवों को निगम सीमा विस्तार में शामिल करने का निर्णय लिया है। इन गांवों में आंशिक रूप से सड़क, नाले, नाली, सीवर, पेयजल, स्ट्रीट लाइटों का लाभ लिया जा रहा है।
ये 26 गांव किए गए हैं चिंहित
- मेरठ ब्लाक के गांव हाजीपुर, बजौट, जुर्रानपुर, जलालपुर, भूडबराल, साकरपुर, गगोल, गुमी।
- जानी ब्लॉक के गांव घाट, पांचली खुर्द,
- रोहटा ब्लॉक के गांव सिंधावली,
- रजपुरा ब्लॉक के गांव हसनपुर कदीम, गोकुलपुर- दतावली- गेसूपुर, कमालपुर, रेसना, राली चौहान, मामेपुर, जलालपुर, सलारपुर, अम्हेडा, रजपुरा,
- दौराला ब्लॉक के गांव सिवाया, दुल्हेडा चौहान, पावली खास- द्वारकापुरी, जवेरी,
आपत्ति दर्ज कराने का मिलेगा मौका
शासन से गजट होने के बाद निगम सीमा में शामिल होने वाले सभी गांवों की जनता को अपनी आपत्ति दर्ज कराने का भी अवसर मिलेगा। हालांकि विकास के नाम पर सभी सहमत होते नजर आएंगे।