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राष्ट्रीय राजमार्ग का कार्य मेरठ से हापुड तक नहीं हो सका पूर्ण, निर्माण कंपनी का वादा निकला झूठा

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राष्ट्रीय राजमार्ग पर अधूरा पड़ा निर्माण कार्य। - फोटो : KITHOR
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खरखौदा। निर्माण कंपनी ने एनएच 235 का हापुड़ से मेरठ तक निर्माण 30 जून तक पूरा करके वाहनों के संचालन के लिए खोलने का वादा किया था। जिससे हापुड़ से मेरठ तक के बीच आए दिन होने वाले हादसों से बचा जा सकता था। हालांकि अभी तक पूरा नहीं हो सका है।
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मेरठ से बुलंदशहर तक 62.19 किलोमीटर लंबे राष्ट्रीय राजमार्ग पर निर्माण कार्य 2015 से चल रहा है। जिसमें मेरठ से हापुड़ के बीच में 27 किलोमीटर लंबे निर्माण में गांव फफूंडा, खरखौदा कस्बा व गांव कैली से सीधा हापुड़ के लिए तीन बाईपास व अन्य रोड का निर्माण, पुरानी सड़क का चौड़ीकरण कर किया जाना है। मेरठ से बुलंदशहर तक पहले अक्तूबर 2019 तक निर्माण कार्य पूरा होना था। हालांकि बीच बीच में कई बदलाव आए और कार्य भी बढ़ा तो शासन से मार्च 2020 तक समय बढ़ा दिया। मेरठ से हापुड़ तक इस रोड पर ट्रैफिक का अधिक दबाव रहता है। जिस कारण आए दिन बड़े-बड़े हादसे होते रहते हैं। निर्माण के चलते हापुड़ से मेरठ तक कई स्थानों पर रूट डायवर्जन कर रखा है। कई जगह पर एक ही रोड पर दोनों ओर से वाहन चला रखे हैं। जिस कारण इस समय में कई दर्जन मौत हो चुकी हैं। निर्माण कंपनी करीब पांच माह से हापुड़ से मेरठ के बीच में करीब 90 प्रतिशत कार्य पूरा होना बता रही है तथा 30 जून तक हापुड़ से मेरठ तक इस रोड को चालू करने का वादा भी कर रही थी। जुलाई का एक सप्ताह बीत गया परंतु मेरठ से हापुड़ के बीच में कार्य पूरा नहीं हुआ है।
कांवड़ यात्रा बड़ी चुनौती
जल्द ही कांवड़ यात्रा शुरू हो जाएगी। इस रास्ते से राजस्थान, अलीगढ़, मथुरा, आगरा, बुलंदशहर, हापुड़ समेत कई अन्य जिले के कांवड़िये गुजरते हैं। मेरठ से हापुड़ के बीच में 20 जुलाई से कांवड़िये निकलना शुरू हो जाएंगे। मेरठ से दिल्ली वाले रास्ते पर भारी वाहनों का आवागमन बंद हो जाता है। मेरठ से दिल्ली जाने वाले वाहन भी इसी रोड पर आ जाते हैं। जिस कारण कांवड़ यात्रा के दौरान इस रोड पर वाहनों का भारी दबाव होता है। उधर, राष्ट्रीय राजमार्ग का कार्य यदि 30 जून तक पूर्ण हो जाता तो कांवड़ियों के लिए राजमार्ग का एक ओर का रोड खोल दिया जाता तथा दूसरे रोड पर वाहनों का आवागमन हो जाता। जिससे कांवड़ यात्रा के दौरान किसी भी हादसे से बचा जा सकता था। यदि इस रास्ते को जल्द शुरू नहीं किया गया तो कांवड़ यात्रा सकुशल संपूर्ण कराना पुलिस के लिए चुनौती होगी।
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नोएडा में कांवड़ मेले को लेकर डीजीपी ने बैठक ली है। जिसमें कपंनी के प्रोजैक्ट मैनेजर को भी बुलाया था। जिसमें इस रोड को जल्द ही कार्य पूर्ण कराने का आदेश दिया है। कांवड़ यात्रा से पहले ही रोड चालू करा दिया जाएगा। -एसके मिश्रा, प्रशासनिक मैनेजर एपको
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