- सूरजकुंड बाबा मनोहरनाथ मंदिर में शुरू हुई रामलीला
माई सिटी रिपोर्टर
मेरठ। सूरजकुंड स्थित बाबा मनोहरनाथ मंदिर में शुक्रवार रात रामलीला का मंचन शुरू किया गया। मथुरा से आए गणेश मित्र मंडल के कलाकारों ने महामंडलेश्वर निलिमानंद, विवेक वाजपेयी, आलोक भटनागर, मनोज गुप्ता, नरेश गुप्ता ने आरती की। रामलीला में कलाकारों ने पहले दिन नारद मोह भंग और रावण जन्म लीला का बहुत ही सुंदर ढंग से मंचन किया।
रामलीला में दिखाया गया कि भगवान विष्णु के परम भक्तों में नारद जी भी हैं। एक बार तप और ज्ञान पर नारद मुनि को अभिमान हो गया। वे सोचने लगे कि वे मोह माया से मुक्त हैं। भगवान विष्णु ने उनकी इस भ्रांति को दूर करने के लिए खेल रचा। विष्णु भगवान ने नारद मुनि को एक सुंदर नगरी दिखाई। राजकुमारी विश्व मोहिनी के साथ नारद मुनि का विवाह तय हुआ। नारद मुनि ने भगवान से सुंदर रूप मांगा, लेकिन विष्णु ने उन्हें वानर रूप में बदल दिया। विश्वमोहिनी तब नारद को देखकर हंसी और विवाह का प्रस्ताव ठुकरा दिया। क्रोधित नारद मुनि ने विष्णु भगवान को श्राप देना चाहा तो भगवान ने उन्हें पूरी बात बताई। नारद मुनि को अपने अभिमान की जानकारी हुई और उन्होंने भगवान से क्षमा मांगी।
इसके बाद रावण जन्म के प्रसंग में कलाकारों ने दिखाया कि रावण का जन्म ऋषि विश्वश्रवा और राक्षसी कैकसी के पुत्र के रूप में हुआ। विश्रवा महान तपस्वी थे। कैकसी ने उनके साथ विवाह कर राक्षस कुल को शक्तिशाली बनाना चाहा। रावण ने कठोर तपस्या कर भगवान शिव से वरदान प्राप्त किया। वरदान प्राप्त कर वह अजेय योद्धा बना। रावण के अहंकार और अधर्म ने उसे श्रीराम का शत्रु बना दिया। विवेक वाजपेयी ने बताया कि शनिवार को हनुमान जन्म और श्रीराम जन्म का मंचन होगा।