फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

चार दिन बाद खुले स्कूल, दिनभर जाम से जूझता रहा शहर

Wed, 15 Feb 2017 03:27 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/ मेरठ
विज्ञापन
फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
रविवार के बाद सोमवार को भी शहर जाम से जूझा। प्रमुख चौराहों से लेकर गली मोहल्ले में वाहनों की लाइन लग गई। हालांकि विभाग ने एक दिन पहले के जाम से सबक लेते हुए 50-60 रंगरूटों को चौराहों पर तैनात किया था, लेकिन फिर भी वह व्यवस्था नहीं संभाल पाए। कहीं-कहीं ट्रैफिक स्मूथ रहा, लेकिन अधिकांश जगह लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। चार दिन बाद स्कूल और कॉलेज खुलने पर परेशानी और बढ़ गई।
विज्ञापन


10.30 बजे : कमिश्नरी आवास चौराहा
कमिश्नरी आवास चौराहे पर साढ़े दस बजे कोई पुलिसकर्मी ड्यूटी पर नहीं था। चौराहे से मवाना रोड पर डेयरी फार्म की तरफ वाहनों की लंबी कतार लगी थी। विश्वविद्यालय रोड, बाउंड्री रोड और माल रोड की तरफ भी वाहन आड़े तिरछे फंसे हुए थे। काफी देर बाद एक पुलिसकर्मी पहुंचा और हाथ हिलाकर वाहनों को निकालने लगा। करीब एक घंटे बाद व्यवस्था सुधर सकी।

12 बजे : दिल्ली रोड
बेगमपुल चौराहे से लेकर भैसाली बस अड्डे तक वाहनों की लंबी कतार लगी थी। सड़क के दोनों तरफ लोग वाहनों में जाम में फंसे थे। जलीकोठी चौराहे से लेकर केसरगंज और रेलवे रोड चौराहे पर स्थिति खराब थी। लोगों को आधा किमी जाने में 40 मिनट तक का समय लग रहा था। दिल्ली रोड पर मेट्रो प्लाजा और मंडी गेट के सामने भी लोगों को जाम से जूझना पड़ा।
विज्ञापन


एक बजे बच्चा पार्क
बच्चा पार्क चौराहे पर ट्रैफिक पुलिस का कोई कर्मी नहीं था। ट्रेनिंग कर रहे चार रंगरूट चौराहे को छोड़कर पुलिस बूथ के पास खड़े थे। ऐसे में यह चौराहा दिनभर जाम से जूझता रहा। बच्चा पार्क से लेकर ईव्ज चौराहे तक सैकड़ों वाहन आड़े तिरछे तरह से जाम में फंसे रहे। ईव्ज चौराहे पर टीआई सुनील कुमार जाम खुलवाते रहे। वाहनों का दबाव इतना था कि ट्रैफिक इंस्पेक्टर खुद दो घंटे तक फंसे रहे। ईव्ज चौराहे को पार करने में लोगों के पसीने छूट गए। इंदिरा चौक, हापुड़ अड्डा, भूमिया का पुल और ईस्टर्न कचहरी रोड पर भी भीषण जाम लगा रहा। इसके अलावा शहर में लालकुर्ती पैंठ बाजार, जीरो माइल, खैरनगर और घंटाघर भी जाम की चपेट में रहे।

19 तक यही रहेगी स्थिति
ट्रैफिक विभाग में एक एएसपी, एक सीओ, एक इंस्पेक्टर, तीन सब इंस्पेक्टर, 11 हेड कांस्टेबिल प्रमोटेड और 85 सिपाही तैनात हैं। जिले में विधानसभा चुनाव के पहले चरण का चुनाव समाप्त होते ही ट्रैफिक इंस्पेक्टर (टीआई), दो ट्रैफिक सब इंस्पेक्टर (टीएसआई) और आठ सिपाहियों को छोड़कर बाकी सभी स्टाफ चुनाव कराने के लिए गैर जिलों में रवाना कर दिया गया। इनमें से भी दो सिपाहियों की ड्यूटी ट्रैफिक ऑफिस में लगी है, जबकि केवल छह ट्रैफिक सिपाहियों के भरोसे शहर का ट्रैफिक संचालन छोड़ दिया गया है। फोर्स 19 के बाद ही शहर में लौटेगी। हालांकि रंगरूटों को लगाकर व्यवस्था सुधारने की कोशिश की गई।

चार दिन बाद खुले स्कूल, कॉलेज
चुनाव के कारण बृहस्पतिवार से रविवार तक शहर के सभी स्कूल और कॉलेज बंद थे। सोमवार को जैसे ही शिक्षण संस्थान और कार्यालय खुले तो सड़कों पर वाहनों की लाइन लग गई। स्कूल बच्चों को भी परेशानी हुई।

यहां होती है ज्यादा परेशानी
एचआरएस चौक, ईदगाह, रेलवे रोड, भैसाली अड्डा, बेगमपुल, जीरोमाइल, बच्चा पार्क, ईव्ज, बुढ़ाना गेट, इंदिरा चौक, हापुड़ रोड, हापुड़ अड्डा, गांधी आश्रम, नई सड़क, तेजगढ़ी पर जाम की समस्या अधिक रहती है। शहर के बाहरी क्षेत्र से भी यहां वाहन आते हैं।

बीमार बच्चे पर आफत
लोगों ने बताया कि ईदगाह चौराहे पर पूरे दिन स्थिति खराब रही। दोपहर करीब ढाई बजे एक एंबुलेंस भी जाम में फंस गई। एंबुलेंस में बीमार बच्चा था। हालत खराब होने पर परिजन बच्चे को गोद में अस्पताल ले गए।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें