टाउन हॉल में आयोजित निगम की बोर्ड बैठक में सपाइयों और भाजपाइयों में होती हाथापाई।
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नगर निगम की बोर्ड बैठक में शुक्रवार को जमकर हंगामा हुआ। एक पार्षद को थप्पड़ मारने के बाद भाजपा और सपा पार्षदों में जमकर मारपीट हुई। सपा पार्षद बोर्ड बैठक का बहिष्कार कर सदन से बाहर चले गए और नारेबाजी की। वहीं भाजपा, बसपा और कांग्रेस के पार्षदों ने सदन चलाकर कई प्रस्ताव पास करा दिए। उधर सपा पार्षद सदन में पास किए गए सभी प्रस्तावों को अवैध बता रहे हैं। साथ ही इसको लेकर हाईकोर्ट में भी जाने की चेतावनी दी है।
टाउन हॉल के तिलक हॉल में आयोजित बोर्ड बैठक के दौरान सपा पार्षद शाहिद अब्बासी ने सदन में रखे गए प्रस्तावों को पहले कार्यकारिणी में लाने का सवाल उठाया। जिसपर भाजपा के पार्षद विजय आनंद, सेंसरपाल, गौरव, पंकज कतीरा, ऋषिपाल आदि ने विरोध किया। इस बीच महापौर हरिकांत अहलुवालिया ने शाहिद अब्बासी से कहा कि एलईडी का मुद्दा शहर हित में है। इस संबंध में पहले बात हो चुकी है तो फिर कार्यकारिणी को मुद्दा क्यों बनाया जा रहा है।
इस पर सपा पार्षद अफजाल सैफी ने कहा कि महापौर और शाहिद के बीच हुई बात को सार्वजनिक किया जाए। वहीं बसपा पार्षद आरिफ अंसारी और निर्दलिय अरशद उल्ला ने आरोप लगाए कि ईईएसएल कंपनी का एलईडी प्रस्ताव निगम हित में नहीं है। भाजपा के लोग जबरदस्ती कंपनी को एलईडी का ठेका दिलाना चाहते हैं। इसलिए महापौर से सपा पार्षद शाहिद अब्बासी सहित पांच पार्षदों की तीन-तीन लाख रुपये में बात हुई है। बसपा पार्षदों ने यह भी कहा कि यह जानकारी उन्हें भाजपा पार्षद तहसीन अंसारी ने दी है।
इसका पार्षद शाहिद ने विरोध जताया। वहीं तहसीन अंसारी माइक लेकर वेल में आ गए। तहसीन ने कहा कि उन्होंने किसी से भी तीन लाख रुपये संबंधी कोई बात नहीं कही है। इस पर दोनों पार्षदों में माफी मांगने को लेकर बहस शुरू हो गई। इस दौरान शाहिद अब्बासी ने तहसीन अंसारी को थप्पड़ जड़ दिया। इसके बाद भाजपा के अन्य पार्षद भी तहसीन के पक्ष में आ गए और सपा पार्षदों से भिड़ गए। दोनों पक्षों में जमकर मारपीट हुई। महापौर हरिकांत अहलूवालिया पार्षदों से मारपीट बंद करने और सदन को चलाने का आह्वान करते रहे। लेकिन कुछ देर बार सपा के सभी पार्षद सदन का बहिष्कार करके बाहर निकल गए। सपा पार्षदों ने महापौर और भाजपा मुर्दाबाद के नारे लगाए।
चीफ इंजीनियर ने उठाए सवाल, महापौर नाराज
सपा पार्षदों के जाने के बाद महापौर हरिकांत अहलूवालिया की अध्यक्षता और नगरायुक्त देवेंद्र कुमार कुशवाहा के संचालन में फिर से बैठक शुरू हुई। एलईडी के प्रस्ताव पर सदन ने मुहर लगा दी। इसी बीच चीफ इंजीनियर कुलभूषण वार्ष्णेय ने ईईएसएल कंपनी की कुछ शर्तों पर उंगली उठाई तो महापौर नाराज हो गए। महापौर ने कहा कि कंपनी भारत सरकार की है। इसलिए कंपनी का नाम भी सम्मान के साथ लिया जाए। वैसे भी सदन एलईडी के प्रस्ताव को पास कर चुका है। अब शर्तों को सही या गलत बताने का कोई औचित्य ही नहीं है। इसके बाद कूड़ा नियंत्रण, नया सवेरा योजना से सूरजकुंड संक्रमण रोग अस्पताल बनाने और अमृत योजना में जलापूर्ति व सीवरेज योजना के कार्य जल निगम से कराने आदि प्रस्ताव पास किए कर दिए।