नगर निगम में चूना खरीद पर सवाल उठ रहे हैं। जहां वर्ष में लगभग 14 लाख का चूना सड़कों पर डाले जाने की बात कही जा रही है वहीं स्टोर इंचार्ज के पास चूना खरीद के साक्ष्य भी नहीं मिल रहे हैं। दो माह से चूने की खरीद पर जांच चल रही है। पिछले तीन साल में खरीदे गए चूने की जांच चल रही है। खुलासा होने पर बड़े गोलमाल के उजागर होना की संभावना जताई जा रही है।
शहर में प्रमुख स्थानों पर डाला जाता है चूना
महानगर के प्रमुख चौराहे, सरकारी कार्यालय, सभी धार्मिक स्थलों के आसपास चूना डाला जाता है। जिसके लिए नगर निगम प्रशासन चूने की बाहर से खरीद करता है। अगर निगम स्टोर इंचार्ज की माने तो वर्ष में लगभग 700 टन चूना खरीदा जा रहा है। जिसकी कीमत भी अधिक नहीं है। बाजार भाव के अनुसार खरीदा जाता है। हालांकि पूरे साल में लगभग 13-14 लाख रुपये का चूना शहर में लग जाता है।
टेंडर से नहीं होती चूना खरीद
नियमानुसार एक लाख रुपये से अधिक के सामान की खरीद के लिए टेंडर प्रक्रिया होनी चाहिए, लेकिन नगर निगम द्वारा चूना खरीद में न तो टेंडर प्रक्रिया हो रही है और न ही चूना खरीद के समस्त अभिलेख सुरक्षित हैं।