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मेरठ में पार्किंग की समस्या के लिए नगर निगम और एमडीए हैं जिम्मेदार : एसपी ट्रैफिक

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मेरठ। शहर में अवैध पार्किंगों ने यातायात व्यवस्था को बिगाड़ कर रख दिया है। विभागों के अधिकारी पार्किंग की समस्या को लेकर एक दूसरे पर पल्ला झाड़ लेते हैं। मंगलवार को एसपी ट्रैफिक ने कहा कि शहर में पार्किंग की समस्या के लिए एमडीए और नगर निगम जिम्मेदार हैं। पुलिस ने कई बार अस्थायी पार्किंग बनाने का प्रस्ताव भी रखा था, लेकिन उस पर भी नगर निगम और एमडीए ने कोई प्लान तैयार नहीं किया।
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शहर में पार्किंग की सबसे बड़ी समस्या है। मुख्य बाजारों के अलावा सार्वजनिक स्थल, बैंक, अस्पतालों के बाहर कहीं भी पार्किंग नहीं है। नगर निगम के अधिकारी दावा करते हैं कि शहर में छह पार्किंग हैं, लेकिन ट्रैफिक पुलिस नगर निगम द्वारा छोड़ी गई पार्किंग को भी अवैध बताती है। ऐसे में जनता को सड़क पर वाहन पार्क करने पड़ते हैं, सड़क पर चार पहिया वाहन मिलने पर ट्रैफिक पुलिस क्रेन से कार उठाकर ले जाती है। जिसके बाद पुलिस नो पार्किंग का चालान करने के साथ कार स्वामी से क्रेन खर्च भी वसूलती है।
मंगलवार को एसपी ट्रैफिक संजीव बाजपेई ने टीआई डीडी दीक्षित से शहर में पार्किंग स्थलों को लेकर जानकारी मांगी। जिसमें ट्रैफिक इंस्पेक्टर ने बताया कि खैर नगर बाजार से लेकर छतरी वाला पीर, जिला अस्पताल रोड, सराफा बाजार, कागजी बाजार, नील की गली, वैली बाजर, कबाड़ी बाजार, शारदा रोड पर सबसे ज्यादा समस्या है। यहां सड़क पर ही दो पहिया वाहनों की लाइन लग जाती है, ऐसे में ट्रैफिक पुलिस कार्रवाई करती है तो व्यापारी और वाहन स्वामी विरोध करते हैं। दिल्ली रोड, गढ़ रोड, ईस्टर्न कचरही रोड, वेस्टर्न कचहरी रोड, एमडीए कार्यालय के सामने, कमिश्नरी पार्क पर भी समस्या है।
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अस्थायी पार्किंग पर करे विचार
एसपी ट्रैफिक संजीव बाजपेई ने बताया कि शहर में मल्टीस्टोरी पार्किंग का कई बार प्लान बना, लेकिन कोई काम नहीं हुआ। ऐसे में ट्रैफिक पुलिस जगह चिह्नित कर सकती है। जिसके बाद एमडीए और नगर निगम अस्थायी पार्किंग बना सकते हैं। क्योंकि अस्थायी पार्किंग से भी कुछ स्थानों पर पार्किंग की समस्या का समाधान निकल सकता है। एसपी ट्रैफिक का कहना है कि जीआईसी के बाहर, बेगमपुल स्थित नाला, आबूलेन नाला, घंटाघर, केसरगंज चौकी के सामने अस्थायी पार्किंग बनाई जा सकती है।
फिलहाल कोई प्लान नहीं है
रैपिड रेल की फाइनल एलानमेंट तक अभी पार्किंग बनाई जानी मुश्किल है। अभी पार्किंग का कोई प्लान एमडीए के पास नहीं है। - राजेश कुमार पांडे, एमडीए उपाध्यक्ष
पुलिस की जिम्मेदारी अवैध पार्किंग हटाने की
शहर में चल रही अवैध पार्किंग को हटवाने की जिम्मेदारी पुलिस की है। नगर निगम केवल छह स्थानों पर वैध पार्किंग संचालित कर रहा है। शहर में किसी भी स्थान पर वाहन पार्किंग बनवाने की जिम्मेदारी एमडीए की है। जो उनकी महायोजना में भी शामिल है। - राजेश कुमार, संपत्ति अधिकारी।
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