लिसाड़ी गेट क्षेत्र में कांच का पुल के पास बृहस्पतिवार रात दर्दनाक हादसा हो गया। साढ़े तीन साल का मासूम नाले में जा गिरा। इकलौते बेटे को बचाने के लिए उसकी मां ने भी नाले में छलांग लगा दी। चीख पुकार मचने पर आसपास के लोग नाले में कूद पड़े। आधा घंटे की मशक्कत के बाद बच्चे को निकाला गया। लेकिन तब तक बच्चे की मौत हो चुकी थी।
लिसाड़ी गेट क्षेत्र अंतर्गत इस्लामाबाद गली नंबर पांच एक मिनारा मस्जिद निवासी मोहम्मद इसरार पावरलूम मशीन चलाता है। उसकी पत्नी जरीना रात करीब नौ बजे अपने साढ़े तीन साल के बेटे अब्दुल्ला को लेकर फतहेउल्लापुर रोड स्थित कांच का पुल के पास डॉ. सरताज के क्लीनिक पर दवा दिलाने ले गई थी। बेटे के साथ वह क्लीनिक से निकली ही थी कि सामने नाले पर लोहे का जाल बिछा हुआ था। जबकि जाल के पास नाला खुला हुआ था। इस बीच अचानक अब्दुल्ला का हाथ जरीना से छूट गया और मासूम नाले में जा गिरा। उसे बचाने के लिए जरीना भी नाले में कूद गई। महिला की चीख सुनकर आसपास के लोग बच्चे और महिला को बचाने के लिए नाले में कूद गए। इस बीच डॉ. सरताज ने पुलिस को सूचना दे दी। करीब आधा घंटे की मशक्कत के बाद बच्चा नाले में करीब 150 मीटर दूरी पर मिला। जिसके बाद बच्चे को डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया।
परिवार में मचा कोहराम
बच्चे की मौत के बाद परिवार के लोगों में कोहराम मच गया। इकलौते बेटे की मौत का पता चलते ही मां बेहोश होकर जमीन पर गिर पड़ी। घटना का पता चलते ही लिसाड़ी गेट पुलिस मौके पर पहुंची। इस दौरान लोगों ने नगर निगम के खिलाफ आक्रोश जताते हुए हंगामा कर दिया। पुलिस ने किसी तरह लोगों को समझाकर शांत कराया। रात में परिजनों ने पुलिस से कहा कि वह इस मामले में कोई पोस्टमार्टम नहीं कराना चाहते। जिसके बाद परिजन बच्चे के शव को घर ले गये। बच्चे की मौत के बाद परिजनों का रो रोकर बुरा हाल था।