चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय कैंपस में सोमवार से नैक (नेशनल एसेसमेंट एंड एक्रिडिएशन काउंसिल) की पीयर टीम का निरीक्षण शुरू हुआ। 13 सदस्य टीम को एनसीसी कैडेट्स द्वारा गार्ड ऑफ ऑर्नर दिया गया। टीम को कैंपस और इन्फ्रास्ट्रक्चर पसंद आया। हरा-भरे और सुंदर कैंपस की कई सदस्यों ने तारीफ की। पहले दिन नौ विभागों का निरीक्षण किया गया।
निरीक्षण शुरू करने से पहले टीम को कुलपति प्रो. एनके तनेजा ने विवि के बारे में प्रजेंटेशन दिया। टीम के सदस्यों के बारे में परिचय कराया। करीब एक घंटे यह काम चला। कुलपति ने सदस्यों के सवालों के जवाब भी दिए। इसके बाद आईक्यूएसी (इंटरनल क्वालिटी एश्योरेंस सेल) के साथ टीम की बैठक हुई।
टीम ने निरीक्षण की शुरुआत केंद्रीय लाइब्रेरी से की। किताबों की संख्या और इन्फ्रास्ट्रक्चर पसंद आया। ई जर्नल और डिजिटाइजेशन और डॉक्यूमेंटेशन को सराहा गया। इसके बाद टीम कैंटीन पहुंची। दोपहर में कार्य परिषद के सदस्यों के साथ मुलाकात हुई। दोपहर बाद टीम तीन हिस्सों में बंट गई। एक टीम ने अर्थशास्त्र, राजनीति विज्ञान और एजूकेशन विभाग का निरीक्षण किया। दूसरी टीम ने बॉटनी, जूलॉजी और टॉक्सीकोलॉजी का निरीक्षण किया। तीसरी टीम ने मनोविज्ञान विभाग, सांख्यिकी, फाइन आर्ट और लॉ डिपार्टमेंट का निरीक्षण किया।
ग्रेड दिलाने में होगी अहम भूमिका
विवि की स्ट्रेंथ की बात करें तो कई विभाग महत्वपूर्ण साबित होंगे। साइंस में जूलॉजी, बॉटनी, फिजिक्स, जेनेटिक्स एंड प्लांट ब्रीडिंग और केमिस्ट्री विभाग का अच्छा प्रदर्शन रहा है। रिसर्च और प्लेसमेंट में इन विभागों के छात्रों का प्रदर्शन अच्छा है।
इन विभागों के छात्र आईआईटी से लेकर कई बड़े रिसर्च सेंटर में हैं। कुछ विदेश में पढ़ाई तो कुछ नौकरी कर रहे हैं। केंद्रीय लाइब्रेरी विशालकाय है। न केवल भवन बल्कि किताब और जर्नल के मामले में भी। आर्ट फैकल्टी में अर्थशास्त्र, राजनीति विज्ञान और एजूकेशन विभाग का भी प्रदर्शन अच्छा है।
विवि में करीब डेढ़ साल पहले शिक्षकों के भरे गए खाली पद अब कमजोरी की जगह मजबूती हैं। कई शिक्षक अच्छे प्रोफाइल के आए हैं। सुंदर और हरा-भरा कैंपस भी विवि को नंबर दिलाएगा। कैंपस को ईको फ्रेंडली बनाने का प्रयास किया गया है।
वॉटर हार्वेस्टिंग से लेकर सोलर लाइट लगाने और गौरैया के घोंसले लगाए गए हैं। सेल्फ फाइनेंस कोर्स में सर छोटूराम इंस्टीट्यूट का बड़ा इन्फ्रास्ट्रक्चर है। जिसमें प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों से आकर छात्र पढ़ाई कर रहे हैं। बिजली और पानी की सुविधा 24 घंटे है। मेहमानों के लिए गेस्ट हाउस की अच्छी व्यवस्था है। वाई-फाई कैंपस है। विवि में 32 प्रोजेक्ट चल रहे हैं।
बेटी बचाओ का दिया संदेश
शाम पांच बजे बृहस्पतिभवन में छात्र-छात्राओं ने नैक टीम को कला के कई रंग दिखाए। प्रस्तुति में छात्रों की प्रैक्टिस झलक रही थी। एक घंटे के कार्यक्रम में बेटी बचाओ का संदेश दिया तो आशाएं भी जगाई। शुरुआत सरस्वती वंदना से हुई।
कार्यक्रम थीम बेस्ड रहा। फाइन आर्ट विभाग के छात्रों ने बेटी बचाओ का संदेश दिया। ओ री चिरैया गीत पर डांस कर बेटियों की अहमियत दर्शायी। बॉटनी विभाग के छात्रों ने फिल्मी गीत ढोल नगाड़े संग ढोल बाजे पर डांस किया। लॉ डिपार्टमेंट ने रंग दे मोह लाल और हिंदी विभाग के छात्रों ने आशाएं आशाएं गीत पर डांस किया।
फाइन आर्ट के छात्रों ने नेशनल इंटीग्रेशन थीम पर ड्रामा प्रस्तुत किया। इसको सराहा गया। केमिस्ट्री विभाग ने पंजाबी लोक नृत्य पेश किया। हिंदी विभाग के छात्रों ने रंगीलो म्हारा ढोलना गीत पर डांस किया। बीटेक छात्र वैभव पांडे शिक्षकों पर अपनी लिखी कविता सुनाई। बीटेक छात्रों के बैंड अद्वेत्य शो स्टॉपर रहा। बैंड ने मां तुझे सलाम और वंदे मातरम पर अपने इंस्ट्ूमेंट्स से परफोरमेंस दी। नैक टीम के सदस्यों ने कार्यक्रम पर अपने कमेंट दिए। प्रो. अर्चना शर्मा ने धन्यवाद ज्ञापित किया।