मुजफ्फरनगर दंगों के जिन मुकदमों की 13 बिंदुओं पर शासन ने रिपोर्ट मांगी थी, वह प्रेषित कर दी गई है। एसएसपी,संयुक्त निदेशक अभियोजन और जिला शासकीय अधिवक्ता की आख्या ली गई थी। वादों को प्रशासनिक स्तर पर वापसी लिया जाना संभव नहीं है। राजीव शर्मा, डीएम मुजफ्फरनगर।
सरकार ने मुजफ्फरनगर दंगे में दर्ज हुए फर्जी मुकदमे वापस लेने के निर्देश दिए हैं। ऐसे में डीएम उन्हें वापस लेने से नहीं रोक सकते हैं। इसमें सरकार का आदेश है। उस समय सपा की सरकार थी और भाजपाइयों सहित अन्य लोगों पर बड़ी संख्या में फर्जी मुकदमे दर्ज हुए थे, जिन्हें वापस कराया जायेगा।
ठा. संगीत सोम, विधायक
सांसद डॉ संजीव बालियान ने कहा कि दंगे के 131 मुकदमों में डीएम ने जो रिपोर्ट भेजी है, उससे प्रक्रिया पर कोई फर्क नहीं पड़ेगा। अंतिम निर्णय सीएम को लेना है। न्याय विभाग की कमेटी डीएम की आख्या पर बिंदुवार विचार विमर्श के बाद रिपोर्ट मुख्यमंत्री को भेजेगी। सांसद डॉ. बालियान ने कहा कि दंगे के जिन मुकदमों की वापसी के लिए सीएम से आग्रह किया गया था, वे सभी मुकदमे आगजनी, आपसी रंजिश और पुलिस की ओर से दर्ज कराए गए थे। इन वादों में निर्दोष लोगों को आरोपी बनाया गया है। बेगुनाहों को फर्जी मुकदमों से बचाने के लिए पुन: सीएम से मुलाकात कर अपनी बात रखी जाएगी।
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