कलिंग उत्कल एक्सप्रेस ट्रेन हादसे के करीब 31 घंटे बाद रविवार रात 12.50 पर ट्रेनों का संचालन शुरू हो सका। सबसे पहले नए रेलवे ट्रैक पर मालगाड़ी को गुजारकर चेक किया गया। फिर मंसूरपुर रेलवे स्टेशन पर बगैर यात्रियों के पैसेंजर मेरठ-अंबाला ट्रेन को धीमी गति से निकाला गया। सोमवार को दिनभर एक्सप्रेस, पैसेंजर व मालगाड़ियों को इस ट्रैक से मात्र 10 किलोमीटर प्रति घंटा की गति से निकलवाया गया। उधर, इसके बावजूद रेलवे कर्मचारी नए बनाए गए रेलवे ट्रैक की मरम्मत कार्य में जुटे हुए हैं। सोमवार को भी दिनभर कर्मचारी मलबे को उठाकर सुरक्षित स्थानों पर रखने में लगे रहे। खतौली में शनिवार सायंकाल 5.47 पर कलिंग उत्कल एक्सप्रेस ट्रेन दुर्घटनाग्रस्त हो गई थी। ट्रेन हादसे में 22 यात्रियों की मौत और करीब 98 के घायल होने की पुष्टि की गई है। रविवार को दिनभर ट्रेनों का संचालन सुचारु कराने के लिए रेलवे का पूरा अमला लगा रहा। रविवार देर रात क्षतिग्रस्त हुए करीब 150 मीटर ट्रैक को फिर से बिछाने का कार्य पूरा हुआ। पीडब्लूआई ने राहत वैगन को नए ट्रैक से कई बार गुजार कर ट्रैक क्लियर होने की पुष्टि की। इसके उपरांत ओएचई वायर का क्लियरेंस मिला। आला अधिकारियों की सहमति के बाद रविवार रात 12.50 पर ट्रेनों का संचालन सुचारु हो सका।