ट्रेन हादसे के चलते रेल यातायात प्रभावित हो गया। दिल्ली से हरिद्वार और सहारनपुर जाने और आने वाली ट्रेनों का रुट बदल दिया गया। रेलवे अधिकारियों के मुताबिक अहमदाबाद मेल, देहरा- बांद्रा, शताब्दी एक्सप्रेस का रूट बदलकर वाया शामली-दिल्ली से चलाया गया। गोल्डन टेंपल को वाया पानीपत के रास्ते निकाला गया। कैंट स्टेशन पर खड़ी जनशताब्दी एक्सप्रेस को तीन घंटे बाद वापस करके वाया हापुड़-गजरौला से भेजा गया। इस दौरान रेल यात्रियों को समस्याओं से जूझना पड़ा। उधर, नंदा देवी एक्सप्रेस और छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस का रूट भी बदल दिया गया है। उधर, खतौली में शाम को ट्रेन हादसा होने के चलते दिल्ली से चलकर जम्मू जाने वाली शालीमार एक्सप्रेस करीब ढाई घंटे कैंट स्टेशन पर ही खड़ी रही। ट्रैक प्रभावित होने से आखिरकार ट्रेन को वापस सिटी रेलवे स्टेशन पर रात्रि 8:10 बजे लाया गया। यहां से शालीमार को वापस दिल्ली से वाया शामली होते हुए जम्मू के लिए रवाना किया गया। रेल यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। ट्रेन में बैठे यात्री भी घटना की जानकारी लेने के लिए बेहद परेशान दिखे।
हरिद्वार पैसेंजर व सहारनपुर पैसेंजर, डीएमयू को मेरठ में रोका
रेल हादसा
रेल मार्ग प्रभावित होने के कारण दिल्ली से चलकर हरिद्वार-ऋषिकेश, सहानपुर, मुजफ्फरनगर जाने वाली हरिद्वार पैसेंजर, सहारनपुर पैसेंजर, डीएमयू को मेरठ सिटी रेलवे स्टेशन पर ही रोक दिया गया। इन ट्रेनों में अधिकतर दैनिक यात्री यात्रा करते हैं। तीनों ट्रेनों में लगभग पांच हजार यात्रियों के यात्रा करने का अनुमान है। ये सभी रेल यात्री सिटी रेलवे स्टेशन से उतरकर सड़क मार्ग यानी बसों से यात्रा करने को मजबूर हो गए। यानी मेरठ से दौराला, सकौती, खतौली, मुजफ्फरनगर, रुड़की, हरिद्वार, ऋषिकेश के अलावा सहारनपुर मार्ग पर जाने वाले रेल यात्रियों ने बसों का सहारा लिया। रेल यातायात प्रभावित होने का असर रोडवेज बसों पर साफ दिखाई दिया। यानी बसों में भीड़ बढ़ गयी। हालांकि सबसे ट्रेन में सफर करने वाले उन रेल यात्रियों को सबसे अधिक समस्या से जूझना पड़ा जो एमएसटी के सहारे ट्रेन में यात्रा कर रहे थे। इतना ही नहीं इन पैसेंजर ट्रेनों से छोटे व्यापारी काफी माल लेकर भी चलते हैं।
सिटी स्टेशन पर अफरातफरी, ट्रेन तलाशते रहे यात्री
बड़ा रेल हादसा
खतौली में शनिवार शाम उत्कल एक्सप्रेस के दुर्घटनाग्रस्त होने के बाद मेरठ-मुजफ्फरनगर रेल मार्ग पूरी तरह प्रभावित हो गया। इस ट्रैक से गुजरने वाली सभी ट्रेनें जहां की तहां रोक दी गईं। इस हादसे के बाद रेलवे की लचर व्यवस्था के चलते सिटी रेलवे स्टेशन पर यात्रियों को घटना और ट्रेनों की जानकारी लेेने में भी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। काफी यात्री सिटी स्टेशन पर भटकते नजर आए। कभी पूछताछ केंद्र पर तो कभी स्टेशन अधीक्षक कार्यालय की तरफ वे दौड़ लगा रहे थे। लेकिन उन्हें संतोषजनक जवाब नहीं मिल रहा था। जबकि सूचना मिलते ही सिटी रेलवे स्टेशन और कैंट स्टेशन पर यात्रियों में अफरातफरी जैसा माहौल हो गया। इस दौरान दिल्ली से मुजफ्फरनगर, सहारनपुर, हरिद्वार, जम्मू जाने वाले और उधर से आने वाले यात्रियों को सबसे अधिक दिक्कतों का सामना करना पड़ा। खतौली में ट्रेन दुर्घटना के दो घंटे बाद भी सिटी रेलवे स्टेशन पर यात्रियों को ट्रेनों के संबंध में कोई खास जानकारी नहीं मिल रही थी। यहां तक कि हादसे के करीब दो घंटे बाद रेलवे स्टेशन पर यात्रियों को आपातकालीन कंट्रोल रूम का नंबर 8171100334, 336 उपलब्ध कराया जा सका। सिटी स्टेशन पर तैनात रेलवे अधिकारी हेडक्वार्टर से बराबर संपर्क साधते रहे। जिसको लेकर रेल यात्रियों ने नाराजगी भी जतायी। पूछताछ केंद्र पर रेल यात्रियों की लंबी लाइनें लगी थीं।
नौचंदी में नहीं मिली 500 यात्रियों को जगह
बड़ा ट्रेन हादसा
मेरठ से लखनऊ जाने वाली नौचंदी एक्सप्रेस सिटी रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर एक से देरी से रवाना की गयी। खतौली में ट्रेन हादसा होने की वजह नौचंदी एक्सप्रेस में सहारनपुर से आने वाले लिंक में छह डिब्बे नहीं लग सके। रेलवे अधिकारियों के अनुसार ये छह कोच यानी दो स्लीपर, एसी वन, दो जनरल, एक एसएलआर सहारनपुर से मेरठ सिटी स्टेशन नहीं पहुंच सके। जिनमें करीब 500 यात्री सफर करने वाले थे। इनमें मेरठ, खतौली, मुजफ्फरनगर आदि क्षेत्र के यात्रियों ने आरक्षण कराया था तो कई साधारण टिकट लिए हुए थे। रेलवे अधिकारियों ने इन सभी यात्रियों को नौचंदी एक्सप्रेस से ही सफर करने की सलाह दी। यानी एसी रिजर्वेशन वाले यात्रियों को भी स्लीपर और जनरल बोगी में बैठकर यात्रा करनी पड़ी। जिसके कारण यात्रियों को बड़ी समस्या से जूझना पड़ा। यही नहीं जहां कुछ ने समस्याओं के चलते रेल सफर तय करने का निर्णय लिया तो वहीं कुछ रेल यात्रियों ने टिकट की धनराशि वापस ले ली।
उत्कल में मेरठ से नहीं था कोई रिजर्वेशन
पुरी से चलकर दिल्ली वाया मेरठ-मुजफ्फरनगर के रास्ते हरिद्वार जाने वाली कलिंग उत्कल एक्सप्रेस में मेरठ से कोई रिजर्वेशन नहीं रहा। रेलवे अधिकारियों ने यह सूची सिटी रेलवे स्टेशन पर सार्वजनिक भी की। वैसे रिजर्वेशन चार्ट से अंदाजा नहीं लगाया जा सकता कि मेरठ का कोई यात्री इस ट्रेन में यात्रा न कर रहा हो। हो सकता है कि साधारण कोच में कुछ यात्री सफर कर रहे हों।
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