फुगाना थाना क्षेत्र के गांव सरनावली के बाहरी छोर पर स्थित प्राचीन शिवमंदिर में करीब 40 साल से हरि गिरि महंत हैं। वे मंदिर परिसर में स्थित एक कमरे में रहते थे। उनकी गांव में ही वोट भी बनी हुई थी। गांव सरनावली इस बार अनारक्षित श्रेणी में है।
ग्रामीणों के आग्रह पर महंत ने प्रधानी का चुनाव लड़ने की घोषणा की थी। ग्रामीणों ने उन्हें नामांकन पत्र भी खरीदवा दिए थे। शुक्रवार की देर रात करीब दस बजे रोजाना की भांति ग्रामीण महंत को खाना खिलाकर गांव लौट गए थे, जिसके बाद वे अपने कक्ष में चले गए थे।
शनिवार की सुबह करीब पांच बजे एक महिला पूजा करने मंदिर पहुंची, तो मुख्य गेट बंद मिला। महिला अंदर पहुंची तो महंत के कमरे में भी ताला लटका मिला, जिसकी जानकारी उसने ग्रामीणों को दी।
इसके बाद ही उनके अपहरण की आशंका जताई गई, जिसकी जानकारी मिलते ही आसपास क्षेत्र से ग्रामीणों के साथ ही साधु संत भी मंदिर में पहुंचने लगे। ग्रामीणों का कहना है कि प्रधानी की रंजिश में महंत का अपहरण किया गया है और उनके साथ अनिष्ट भी हो सकता है। ग्रामीण नरेंद्र शर्मा ने महंत की गुमशुदगी दर्ज कराई है।