मुजफ्फरनगर में न्यायालय से पांच अभियुक्तों को दस-दस वर्ष के कारावास और 15-15 हजार रुपये अर्थ दंड की सजा सुनाई गई है। पांचों अभियुक्तों को रेप, अपहरण और दोहरे हत्याकांड में पहले ही कोर्ट से आजीवन कारावास की सजा हो चुकी है।
अभियोजन अधिकारी संदीप सिंह ने बताया कि बुढ़ाना कोतवाली क्षेत्र के गांव कुरथल निवासी अरविंद पुत्र विजयपाल, प्रमोद पुत्र रामअवतार, मोनू पुत्र सुखपाल, शैंकी पुत्र बिजेंद्र उर्फ बबलू और प्रवीण पुत्र रणजीत को गैंगस्टर कोर्ट के न्यायाधीश राम सूध सिंह ने यह सजा सुनाई है।
बताया गया कि वर्ष 2014 में पांचों ने गांव के ही एक लड़की का अपहरण कर सामूहिक बलात्कार कर हत्या कर दी थी। चचेरी बहन के साथ इस कृत्य का विरोध करने पर जयपाल के भतीजे विनोद उर्फ मुखिया पुत्र सतपाल की भी इन अभियुक्तों ने हत्या कर दी थी। बाद में युवती की लाश गांव के ओमपाल के खेत से और विनोद की लाश गांव के जयपाल के कुएं से अभियुक्तों की निशानदेही पर पुलिस ने छह जून 2014 को बरामद की थी। घटना की रिपोर्ट जयपाल और सतपाल ने अलग-अलग थाना बुढ़ाना पर दर्ज कराई थी। पुलिस ने इसके खिलाफ गैंगस्टर एक्ट की भी कार्रवाई की थी। गिरोहबंद अधिनियम के वादी तत्कालीन बुढ़ाना निरीक्षक धनंजय मिश्र व विवेचक निरीक्षक अजयपाल गौतम सहित अभियोजन की ओर से नौ गवाह कोर्ट में पेश किए गए। न्यायाधीश ने दोनों पक्षों को सुनते हुए पांचों को दस-दस वर्ष के कारावास और 15-15 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। अधियोजन अधिकारी ने बताया कि दोहरे हत्याकांड, अपहरण, रेप के मामले में पांचों को पहले की कोर्ट से आजीवन कारावास की सजा सुनाई जा चुकी है।
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