मनोज पंवार ने एसएसपी अनंतदेव को शिकायती पत्र देकर बताया कि कांधला के गांव जसाला निवासी मनीष चौहान से उसकी दोस्ती थी। दस दिसंबर 2010 को उसने 21.68 लाख रुपये कीमत की फॉरर्च्यूनर खरीदी थी। मनीष चौहान 30 दिसंबर को उसके घर आए और जिला पंचायत अध्यक्ष शामली का चुनाव लड़ने के लिए दस लाख रुपये की मांग की।
दोस्ती के चलते उन्होंने सात लाख रुपये दे दिए। चुनाव में एक सप्ताह के लिए फॉरर्च्यूनर गाड़ी भी मनीष ने ले ली। चुनाव जीतने के बाद रुपये व कार लौटाने के लिए कहा, तो मनीष ने सात लाख रुपये के अलावा कार की कीमत अदा करने का आश्वासन दिया, लेकिन लगातार मांगने के बावजूद न तो कार मिली और न ही रुपये। पीड़ित ने सपा एमएलसी वीरेंद्र सिंह से भी बात की और उन्होंने अपने पास से रुपये देने का आश्वासन दिया।
मनोज का आरोप है कि 8 जून 2018 को वह मनीष और वीरेंद्र से उनके रामपुरम स्थित आवास पर जाकर मिला, जहां उन्होंने रुपये और गाड़ी लौटाने से सआफ इंकार कर दिया। उसे हत्या कर लाश गायब करने की धमकी देते हुए भगा दिया। पुलिस ने जब उसकी शिकायत पर ध्यान नहीं दिया तो वह 21 अगस्त को एसएसपी से मिले। कप्तान के आदेश पर सिविल लाइंस थाना पुलिस ने मनीष चौहान के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। एसएसपी ने बताया कि मामले की जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
मनीष चौहान के पिता एमएलसी वीरेंद्र सिंह के मुताबिक कार मनोज कुमार के नाम से खरीदी गई थी। जिसकी कुछ रकम बैंक से ली गई थी। मनोज हमारे पास आता रहता था और उसका कोई पैसा मनीष पर नहीं है। वह खुद भी यह बात कबूल चुका है, जिसकी वीडियो रिकार्डिंग है। राजनीतिक बहकावे में आकर मनोज ने झूठे आरोप लगाए हैं।