उत्तर प्रदेश मुजफ्फरनगर भाकियू प्रवक्ता चौधरी राकेश टिकैत ने कहा कि केंद्र सरकार ने रबी की फसलों की जो एमएसपी घोषित की है, वह किसानों के जख्मों पर नमक की तरह है। गेहूं के रकबे में 6.05 हेक्टेयर की कमी आई है। गेहूं खरीद में भी भारी कमी आई है। सरकार की नीतियों के विरोध में आंदोलन होगा।
बुधवार को एमएसपी बढ़ोत्तरी पर प्रतिक्रिया जारी करते हुए टिकैत ने कहा कि सरसों की फसल पर मौसम की मार पड़ी है। सरसों के किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। इस साल भी किसान प्रकृति की मार से त्रस्त है। पहले कई राज्य सूखाग्रस्त होने की चपेट में आ गए, जिससे फसलों की बुआई पर भारी असर पड़ा है।
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उन्होंने कहा कि फसलों पर किसानों की लागत लगातार बढ़ती जा रही है और आय बढ़ रही है। सरकार जब तक एमएसपी पर गारंटी कानून नहीं बनाएगी और स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट लागू नहीं करेगी, तब तक किसान का भला होने वाला नहीं है। किसानों को घोषित एमएसपी से निराशा का सामना करना पड़ा है। देशभर के किसान सरकार के खिलाफ आंदोलन करेंगे।