असम की नाहिद आफरीन के गाने के विरोध में उतरे मौलवियों का मुस्लिम बेटियां विरोध कर रही हैं। नाहिद की तरह शहर में कई मुस्लिम बेटियां हैं, जो शास्त्रीय संगीत को अपना करियर बनाना चाहती हैं। इस्माईल नेशनल महिला डिग्री कॉलेज के संगीत विभाग में शास्त्रीय संगीत की शिक्षा ले रही ये मुस्लिम बेटियां कहती हैं, कोई धर्म संगीत से दूर रहने की इजाजत नहीं देता। लड़कियों को आगे बढ़ने से रोकने के लिए इस तरह के आदेश जारी होते हैं। कॉलेज में हर साल स्नातक व परास्नातक दोनों पाठ्यक्रमों में मुस्लिम छात्राएं प्रवेश लेती हैं। जो गायन और वादन दोनों की शिक्षा लेती हैं। कुरान पढ़ने के साथ शास्त्रीय संगीत के सुरों की तालीम हासिल करने वाली ये बेटियां बेगम अख्तर, मुबारक बेगम, सुरैय्या, आबिदा परवीन, फरीदा खानम, परवीन सुल्ताना, पिनाज मसानी, मेहर नाज, महनाज और मल्लिका-ए-तरन्नुम नूरजहां की तरह सुरों की दुनिया में छाने का ख्वाब देखती हैं।
बड़ी बहन ने भी सीखा सितार
मैं सितार बजाना सीख रही हूं, मेरी बड़ी बहन ने भी यहीं से सितार बजाना सीखा था। उसे देखकर मुझे भी रुचि हुई। संगीत में कोई बुराई नहीं, यह मजहब क ी खिलाफत नहीं करता। -तब्बसुम
संगीत से है पुराना नाता
तबला और सितार बजाना मेरा शौक है। मैं इसमें अपना करियर बनाना चाहती हूं। संगीत सीखने में कोई हर्ज नहीं हैं। अकबर के दरबार में भी शास्त्रीय संगीत की महफिल सजती थी। -चांदनी
नाहिद का साथ देना चाहिए
नाहिद आफरीन की गायकी कोई गलत नहीं हैं। लोगों को नाहिद का साथ देना चाहिए। नाहिद हमारे देश का हमारी कौम का नाम रोशन कर रही हैं। मैं 9वीं कक्षा से संगीत सीख रही हूं। -जैनब
मुश्किल से सीख रही हूं संगीत
तबला मुझे बहुत पसंद हैं। मैंने उस्ताद जाकिर हुसैन को तबला बजाते देखा था, उन्हें देखकर मुझे भी तबला बजाने का शौक जागा। मेरा भी लोगों ने विरोध किया था, लेकिन मैं नहीं मानी। -अर्शी
मजहब के खिलाफ नहीं है संगीत
जब मैंने बीए में प्रवेश लिया और विषय चुनने क ी बात आई, तो मैंने संगीत को चुना। मैंने वोक ल के साथ सितार बजाना सीखना शुरू किया। अम्मी-अब्बू ने मुझे कभी नहीं रोका। -निदा