जिला अस्पताल में बुजुर्गों को अत्याधुनिक इलाज मिलेगा। इसके लिए जेरियाट्रिक केयर वार्ड में 42 लाख रुपये के नए और आधुनिक उपकरण लगाए जाएंगे। इलाज केसाथ-साथ मनोरंजन और अध्यात्म के लिए म्यूजिक व टीवी भी रहेगा।
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत जिला अस्पताल में बुजुर्गों के लिए 10 बेड का अलग वार्ड बना दिया गया है। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग को 42 लाख रुपये मिले हैं। इस वार्ड में 60 साल से ज्यादा उम्र के मरीजों की देखभाल की जाएगी। यह प्रस्ताव बनाकर करीब नौ महीने पहले शासन को भेजा गया था, जिसमें जेरियाट्रिक (बुढ़ापा) केयर वार्ड बनाने की मांग की गई थी। शासन से अनुमति मिलने के बाद भी इसका बजट नहीं मिल पा रहा था। पिछले दिनों एसआईसी ने इसके लिए शासन को पत्र लिखा था। सीएमओ डॉ. राजकुमार ने बताया कि बुजुर्गों के लिए बना ये जेरियाट्रिक केयर वार्ड वैसे जिला अस्पताल के निगरानी में रहेगा, लेकिन यह राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन केतहत बनाया जा रहा है, इसलिए इसका पैसा सीएमओ कार्यालय के बजट में आया है।
रेडियोलॉजी विभाग के सामने बनी नई बिल्डिंग में प्रथम तल पर इसे बनाया गया है, क्योंकि बुजुर्ग होने के कारण उन्हें सीढ़ियां चढ़ने में दिक्कत आएगी। सीएमओ ने बताया कि जल्द ही अत्याधुनिक उपकरण इस वार्ड में लगाए जाएंगे। इसमें लगाए जाने वाले ऑक्सीजन कन्संट्रेटर से वहीं ऑक्सीजन तैयार की जाएगी, ताकि ऑक्सीजन की दिक्कत होने पर भी परेशानी न हो। इसके अलावा फाउलर बेड लगाए जाएंगे, जिसे आगे और पीछे दोनों तरफ से ऊपर और नीचे किया जा सकता है।
ये लगाए जाएंगे उपकरण
वेंटीलेटर 4
कार्डिक मॉनीटर 10
पल्स ऑक्सी मीटर 10
फाउलर बेड 10
एयरकंडीशनर 1
रूम हीटर दो
एक-एक एलईडी, म्यूजिक सिस्टम, ऑक्सीजन कन्संट्रेटर आदि।
यह रहेगी व्यवस्था
वार्ड में मरीजों की चिकित्सा के साथ-साथ फिजियोथेरेपी, पौष्टिक आहार, योग और मनोरंजन का बंदोबस्त रहेगा। दो साल पहले राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत लगाए गए कैंपों में बड़ी संख्या में वृद्ध लोगों में मधुमेह, हृदयघात और रक्तचाप की शिकायतें आई थीं। इसमें इलाज के साथ उनके लिए इंडोर गेम्स खेलने की व्यवस्था का भी ध्यान रखा जाएगा। जिला अस्पताल के एसआईसी ने बताया कि बुजुर्गों को परेशानी न हो, इसके लिए पर्चा काउंटर पर उनके लिए अलग लाइन बना दी गई है। साथ ही सभी चिकित्सकों को हिदायत दी गई है कि बुजुर्ग मरीज आने पर उसे सबसे पहले देखा जाए।
बुजुर्गों में बढ़ रही तनाव की शिकायत
पिछले साल विश्व वृद्ध दिवस (वर्ल्ड जेरियाट्रिक डे) पर जिला अस्पताल में स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया था, जिसमें 60 साल से ज्यादा उम्र के करीब 100 बुजुर्गों का परीक्षण किया गया था। इनमें अधिकांश में तनाव की शिकायत मिली थी। जिला अस्पताल के प्रमुख अधीक्षक डॉ. पीके बंसल ने बताया कि बुजुर्गों में कम सुनने, आंखों की रोशनी कम होने की शिकायतें रहती हैं। इसके अलावा अब तनाव ज्यादा बढ़ रहा है।
आईएमए में भी दो घंटे की चलती है ओपीडी
बुजुर्गों के लिए निजी चिकित्सकों की दो घंटे की निशुल्क ओपीडी भी आईएमए भवन में चल रही है। यह ओपीडी हर मंगलवार और बृहस्पतिवार को लगती है। इसमें मुख्य तौर पर हृदय रोग विशेषज्ञ, नेत्र रोग चिकित्सक, मानसिक रोग विशेषज्ञ, यूरोलोजिस्ट, मधुमेह (शुगर) विशेषज्ञ और फिजिशियन आते हैं।