दिल्ली से मेरठ के लिए चले तो बदमाश अपहरण कर ले गए थे बिजनौर
संवाद न्यूज एजेंसी
मेरठ। फिल्मी हास्य कलाकार मुश्ताक खान का निधन होने के बाद उनके अपहरण की याद एक बार फिर ताजा हो गई। उनका अपहरण का पूरा मामला भले ही बिजनौर में चल रहा हो, लेकिन गैंग के तार मेरठ से भी जुड़े थे। यह मामला काफी सुर्खियों में रहा था। इनके साथ ही कॉमेडियन एक्टर सुनील पाल का भी अपहरण हुआ था। मुश्ताक खान मेरठ में आने से पहले अपहरण होने के बाद अपहरणकर्ताओं को चकमा देने के बाद मुंबई पहुंच गए थे।
फिल्म अभिनेता मुश्ताक खान का पश्चिमी उत्तर प्रदेश से भी एक ऐसा जुड़ाव रहा, जिसे भुलाया नहीं जा सकता। करीब दो साल पहले नवंबर 2024 में उन्हें एक इवेंट के बहाने बुलाकर अगवा कर लिया गया था। अपहरणकर्ता उन्हें बिजनौर ले गए और बंधक बनाकर उनके मोबाइल से लाखों रुपये ट्रांसफर करा लिए। अगले दिन मुश्ताक खान बदमाशों को चकमा देकर वहां से निकल भागे थे।
इस सनसनीखेज वारदात की जांच आगे बढ़ी तो इसी गैंग के तार कॉमेडियन सुनील पाल के अपहरण से भी जुड़े। सुनील पाल का मामला मेरठ के लालकुर्ती थाने में दर्ज हुआ और फिरौती की रकम से मेरठ में सोना खरीदने की बात भी सामने आई। बाद में पुलिस ने मुश्ताक खान की जली हुई अटैची और सुनील पाल की रकम से खरीदे गए दो सोने के सिक्के भी बरामद किए थे।
बिजनौर में उस समय एसपी सिटी रहे संजीव वाजपेयी ने खुलासा किया था कि मामला 20 नवंबर 2024 को मुश्ताक खान को एक इवेंट के नाम पर बुलाया गया था। आरोप है कि रास्ते में उनका अपहरण कर लिया गया और उन्हें बिजनौर ले जाकर बंधक बनाया गया था। अपहरणकर्ताओं ने मुश्ताक खान के मोबाइल और यूपीआई का इस्तेमाल कर दो लाख रुपये से अधिक की रकम ट्रांसफर करा ली। उन्हें रातभर बंधक बनाकर रखा गया। 21 नवंबर की सुबह मुश्ताक खान को मौका मिला और वह अपहरणकर्ताओं को चकमा देकर वहां से निकल भागे थे। मुश्ताक अपना मोबाइल और सामान वहीं छोड़कर निकल गए और स्थानीय लोगों की मदद से सुरक्षित स्थान तक पहुंचे। इसके बाद वह मुंबई लौट गए।
घटना के करीब तीन सप्ताह बाद मुश्ताक खान के इवेंट मैनेजर शिवम यादव ने 9 दिसंबर 2024 को बिजनौर में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। सुनील पाल का 2 दिसंबर 2024 को अपहरण हुआ था। उन्हें भी एक कार्यक्रम के नाम पर बुलाया गया। आरोपियों ने उन्हें आंखों पर पट्टी बांधकर बंधक बनाया और 20 लाख रुपये की फिरौती मांगी। बाद में करीब आठ लाख रुपये वसूले गए। सुनील पाल के मुंबई पहुंचने के बाद पहले जीरो एफआईआर दर्ज हुई। घटनाक्रम के मेरठ से जुड़े होने के कारण मुकदमा बाद में मेरठ के लालकुर्ती थाने में ट्रांसफर हुआ था। एसपी सिटी विनायक गोपाल भोसले ने बताया कि बिजनौर पुलिस से हमने घटना के दौरान संपर्क किया था। हमने बिजनौर पुलिस की मदद की थी।