माधवपुरम सेक्टर-3 निवासी मोहित टैक्सी चलाता था। करीब नौ साल पहले उसने गाजियाबाद के लाजपतनगर निवासी सलोनी से लव मैरिज की थी। शादी के बाद मोहित पत्नी को किराए के मकान में लेकर रहने लगा। दोनों की दो बेटियां बेटी ईशु (6) व अराध्या (7) हैं। वह सेक्टर-3 में फकीरचंद के मकान में रह रहा था।
शुक्रवार रात मोहित शराब पीकर घर पहुंचा। पति-पत्नी के बीच झगड़ा हुआ और मोहित ने गला दबाकर सलोनी की हत्या कर दी। मोहित को गिरफ्तार करने के बाद पुलिस ने मौके से साक्ष्य जुटाए और शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा।
बेटियों ने पिता को मां का लगा दबाते देखा
मोहित शनिवार शाम घर पहुंचा तो उसे नशे में देखकर सलोनी झगड़ा करने लगी। काफी देर तक झगड़ने के बाद दोनों अलग कमरों में सोने चले गए। बेटियां भी सो गईं। रात करीब तीन बजे मोहित उठा और दूसरे कमरे में सो रही पत्नी का गला दबा दिया। मां के चिल्लाने की आवाज सुनकर ईशु और आराध्या की आंख खुल गई। वह दोनों कुछ समझ नहीं पाई और रोते हुए पिता को मां का गला दबाते हुए देखती रहीं। सुबह घर में पुलिस पहुंची और कार्रवाई की।
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सलोनी ने जनवरी में चौकी पर की थी शिकायत
सलोनी के पिता ने दर्ज कराई रिपोर्ट में आरोप लगाया कि मोहित उनकी बेटी के साथ आए दिन मारपीट करता था। मोहित का सहयोग उसके पिता ब्रजेश शर्मा, मां बाला देवी, दोस्त सोनू, अमन, अमित, जीजा अर्जुन और बहन डॉली भी करते थे। मारपीट से तंग आकर उनकी बेटी ने बीती 15 जनवरी को माधवपुरम चौकी पर तहरीर भी दी थी। शनिवार रात करीब 11:30 बजे उनकी फोन पर बेटी से बात हुई थी। उसने बताया था कि मोहित परेशान कर रहा है। वह उसकी हत्या भी कर सकता है। सुबह बेटी के मकान मालिक फकीरचंद ने उन्हें फोन करके सूचना दी कि सलोनी की मोहित ने गला दबाकर हत्या कर दी। वह पत्नी पुष्पा और बेटे अमन शर्मा के साथ मौके पर आए तो बेटी का शव बिस्तर पर मिला। पुलिस भी वहां आ चुकी थी।