पुलिस के अनुसार रविवार सुबह करीब सात बजे पूर्व पार्षद भोपाल चांदना ने घटना की सूचना दी। जिस पर इंस्पेक्टर टीपी नगर डालचंद, सीओ ब्रह्मपुरी हरिमोहन सिंह और इंस्पेक्टर ब्रह्मपुरी सतीश राय मौके पर पहुंचे। जहां नई बस्ती निवासी अनिल का शव घर में पड़ा था। हिस्ट्रीशीटर की पत्नी रूबी का आरोप है कि शनिवार आधी रात के बाद तीन बजे तीन युवक घर आए थे, जो पति अनिल को बुलाकर ले गए थे।
तड़के करीब चार बजे अनिल लहूलुहान हालत में घर पहुंचा। उसकी बुरी तरह पिटाई की गई थी। पूरे शरीर पर चोटों के निशान थे। नाक और आंख से खून बह रहा था। कई जगह चाकू के कट लगे थे। उसने पूछा तो अनिल ने बताया कि तीन युवकों ने उसे बुरी तरह पीटा और मरा समझकर छोड़कर भाग गए। लेकिन उन युवकों के नाम पत्नी को न बताकर अनिल ने कहा कि वो पुलिस को ही बताएगा। पत्नी के अनुसार उसने 100 नंबर पर फोन किया। अस्पताल ले जाने को 108 एंबुलेंस पर भी कॉल की। लेकिन न पुलिस आई और न ही एंबुलेंस। इस बीच अनिल की मौत हो गई।
पुलिस के गले नहीं उतरे रूबी के गोलमोल बयान
हिस्ट्रीशीटर की पत्नी रूबी ने पुलिस और सिस्टम पर गंभीर आरोप लगाए। कहा कि पुलिस और एंबुलेंस समय पर आ जाती तो पति कीजान बच जाती। लेकिन रूबी के गोलमोल बयान पुलिस अधिकारियों के गले नहीं उतरे। कई बातों का वह सही से जवाब नहीं दे पाई। इंस्पेक्टर टीपी नगर डालचंद के अनुसार सर्विलांस और सीडीआर की जांच के बाद केस खोल दिया जाएगा।
रूबी के बयान
पति अनिल अपना मोबाइल घर छोड़ गया था। लहूलुहान हालत में लौटने पर यही बताया कि उसे तीन युवकों ने पीटा है। वे चौहानपुरी के हैं। लेकिन उनके नाम नहीं बताए। मुझे कहा कि वो पुलिस को फोन करके बुला दे। पुलिस को ही वो उनके नाम बताएगा। मैंने 100 नंबर पर कॉल की। पति के बताए नंबर पर थाने में भी फोन किया। लेकिन कहीं से पुलिस नहीं आई।
गंभीर हालत देख अस्पताल ले जाने के लिए 108 नंबर पर भी फोन किया। लेकिन जवाब मिला कि सारी एंबुलेंस खराब हैं। कोई एंबुलेंस नहीं आई और पति ने दम तोड़ दिया।
पति के मोबाइल से कॉल कर मैंने जीजा को बुलाया। पति ने मरते समय कहा कि राहुल बचा ले, इसके बाद दम तोड़ दिया। लेकिन मैं राहुल को नहीं जानती।
पुलिस की दलील
हिस्ट्रीशीटर की हालत इतनी गंभीर थी तो रूबी ने पड़ोसियों की मदद क्यों नही ली। लेकिन रूबी इस सवाल को गोल कर गई। मोहल्ले वालों ने बताया कि उन्हें भी रविवार सुबह ही हत्या का पता चला।
अनिल द्वारा हमलावरों का नाम न बताना भी हैरान करने वाला है। क्या अनिल को पत्नी से ज्यादा पुलिस पर विश्वास था।
घटना के बाद रूबी की अपनी जिठानी से भी कहासुनी हुई, वो उस पर भी आरोप लगा रही थी।
एसपी सिटी रणविजय सिंह के अनुसार जब से हत्यारोपी अनिल को घर से लेकर गए थे उससे कई घंटे पहले अनिल का मोबाइल फोन बंद था। हत्यारोपी शुभम की हिस्ट्रीशीटर से पुरानी दोस्ती थी। दो अन्य लोगों को हिरासत में लिया गया है। रूबी की बातों में दम नहीं।
शहर से लेकर देश तक की ताजा खबरें व वीडियो देखने लिए हमारे इस फेसबुक पेज को लाइक करें
https://www.facebook.com/AuNewsMeerut/