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त्रिकोणीय प्रेमकहानी में हुई थी आदिल की हत्या, ऐसे दिया वारदात को अंजाम, तीन गिरफ्तार

Sun, 26 Jul 2020 12:33 AM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
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प्रतीकात्मक तस्वीर
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मेरठ के मवाना थानाक्षेत्र के बहसूमा में  में कार श्रृंगार की दुकान करने वाले कैथोडा निवासी आदिल की हत्या प्रेम प्रसंग में हुई थी। पुलिस ने हत्या करने वाले तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि मुख्य आरोपी और एक अज्ञात फरार है। पुलिस ने उनकी निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त बाइक, तमंचा और एक चाकू बरामद कर लिया। इसके बाद तीनों को जेल भेज दिया।
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थानाध्यक्ष शिवदत्त ने बताया कि चार दिन दिन पहले तहसील जानसठ के कैथोडा निवासी आदिल(20) पुत्र रिजवान का शव रामराज स्थित बाग में मिला था। पुलिस ने मोबाइल नंबर की लोकेशन के आधार पर तीन युवकों शुभम अहलावत पुत्र किरणपाल, सागर अहलावत पुत्र मनोज निवासी दौराला और अभिषेक सैनी पुत्र विनोद निवासी सरसवा को शुक्रवार देर रात गिरफ्तार कर लिया।

पूछताछ में सागर ने बताया कि उसके ममेरे भाई प्रिंस निवासी मोड़ कलां और आदिल का रामराज क्षेत्र की एक युवती से प्रेम प्रसंग चल रहा था। शुरू में दोनों को यह बात पता नहीं थी। जब दोनों को इसका पता चला तो प्रिंस और आदिल रंजिश रखने लगे।
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प्रिंस ने आदिल को कई बार युवती से दूर जाने को कहा, लेकिन वह नहीं माना। इसके बाद प्रिंस ने आदिल की हत्या करने की योजना बनाई। प्रिंस ने वारदात के दिन सागर और उसके साथियों के साथ हासिमपुर रास्ते पर बाइक में पेट्रोल खत्म होने के बहाने आदिल को बुलाया, लेकिन यहां आदिल अपने पड़ोसी को साथ ले आया। इस कारण वे वारदात को अंजाम नहीं दे सके।

इसके बाद वे वापस आए और आदिल की दुकान पर कोल्ड ड्रिंक्स पी। इसके बाद आदिल को कुछ बात करने के बहाने रामराज स्थित आम के बाग में ले गए। इसी दौरान प्रिंस ने आदिल के सीने में गोली मारकर हत्या कर दी। हत्या के बाद सबने मोबाइल बंद कर लिए। थानाध्यक्ष शिवदत्त का कहना है कि मुख्य आरोपी प्रिंस और उसका एक साथी फरार है।

बचने के लिए बदला था सिम, उसी ने पकड़वाया
हत्या आरोपियों ने बचने के पूरी तैयारी की थी। बाइक की नंबर प्लेट बदली और मुंह पर गमछा लपेटा, ताकि सीसीटीवी से पहचान न हो सके। वे अपने मकसद में कामयाब भी हो गए थे। सीसीटीवी में फुटेज में उनकी शनाख्त नहीं हो पा रही थी, लेकिन आरोपी सागर की एक गलती से पकड़े गए।

दरअसल सागर ने हत्या से पहले बुलंदशहर की आईडी पर नया सिम लिया था। नए सिम को लेने में भी एक दूसरे नंबर की जरूरत होती है। सागर ने पुराना नंबर रजिस्टर्ड करा दिया। सागर ने नए सिम का प्रयोग कर आदिल से कई बार बात की थी। जब पुलिस ने जांच की तो हत्या से पहले सागर द्वारा पुराने नंबर से प्रिंस और अन्य दोस्तों को कॉल करने की जानकारी मिली। इसके बाद पुलिस ने कड़ी जोड़ते हुए आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
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