हत्यारोपी ने खुद बोलेरो से तमंचा निकालकर पुलिस को सौंपा। आरोपी का कहना था कि उसे पुलिस से एनकाउंटर का डर था। पुलिस ने सांसद प्रतिनिधि लिखी गाड़ी सेे हत्या में प्रयुक्त तमंचा भी बरामद किया। सीओ आलोक कुमार ने बताया कि आरोपी ने एनकाउंटर के भय से कोतवाली में सरेंडर किया है। वह किस गाड़ी में आया बैठकर आया है? इसकी जांच की जाएगी।
कौन है बोलेरो मालिक अरुण धामा
बिनौली निवासी अरुण धामा भाजपा में सक्रिय है। वह पिछले कार्यकाल में सांसद डॉ सत्यपाल सिंह का छपरौली विधानसभा से प्रतिनिधि था। वह पूर्व विधायक त्रिपाल धामा का पुत्र हैं। त्रिपाल धामा जिले में बरनावा सीट से भाजपा के पहले विधायक रहे थे और करीब आठ साल पहले उनकी हत्या कर दी गई थी।
अरुण धामा ने कहा कि मोनित को नामजद किया गया था। मोनित के पिता से उसकी पहचान है। इस वजह से उसे कोतवाली में सरेंडर कराने गया था। आरोपी के पिता के कहने पर ही वह अपनी गाड़ी में उसे बैठाकर सरेंडर कराने गए थे।
मेरे प्रतिनिधि नहीं अरुण धामा : सांसद
सांसद डॉ सत्यपाल सिंह ने कहा कि अरुण धामा उनके प्रतिनिधि नहीं है। गाड़ी पर गलत तरीके से लिखा गया है। जिले में उनके प्रतिनिधि सिर्फ जिला पंचायत सदस्य ठाकुर प्रदीप सिंह हैं।
गाड़ी से तमंचा निकालता आरोपी
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पिटाई का बदला लेने के लिए की थी शिवम की हत्या
आए दिन मारपीट से परेशान होकर बावली गांव के शिवम हत्याकांड को अंजाम दिया गया था। पुलिस ने बुधवार को ही हत्यारोपियों को पकड़कर इस हत्याकांड का खुलासा किया है। सीओ आलोक कुमार ने बताया कि मुखबिर से सूचना मिली की शिवम हत्याकांड के आरोपी बावली गांव के जंगल में एक नलकूप पर छिपे हुए है।
पुलिस ने दबिश देकर बादल उर्फ कारतूस, शुभम उर्फ हनी पुत्र संजीव तोमर निवासी ककौर कलां, सत्यम खोखर पुत्र जय सिंह निवासी बदरखा थाना छपरौली को गिरफ्तार किया गया। अभियुक्तों के कब्जे से हत्या में प्रयुक्त तीन तमंचे 315 बोर मय छह कारतूस, तीन खोखे, घटना में प्रयुक्त एक बाइक बरामद की।
पूछताछ में हत्यारोपियों ने बताया कि शिवम ने पांच माह पूर्व बादल के साथ मारपीट कर दी थी। 15 दिन पहले मोनित के साथ मारपीट कर दी थी। शिवम दबंग युवक था और आए दिन मारपीट करता रहता था। इस पर उन्होंने शिवम की हत्या की योजना बनाई।