ऑनलाइन दवा बेचने के नाम पर ठगी के खुलासे के बाद बढ़ा पुलिस की जांच का दायरा
संवाद न्यूज एजेंसी
हस्तिनापुर। ऑनलाइन दवा मंगाने वाले लोगों से साइबर ठगी करने वाले गिरोह के खुलासे के बाद अब पुलिस की जांच का दायरा और बढ़ गया है। इस गिरोह को ग्राहकों का डाटा उपलब्ध कराने वाला दिल्ली निवासी मुन्ना कुमार शाह पुलिस की रडार पर है। पुलिस उसकी तलाश कर रही है। माना जा रहा है कि यही व्यक्ति देशभर के लोगों का निजी डाटा हस्तिनापुर निवासी साइबर अपराधियों तक पहुंचा रहा था।
पुलिस जांच में सामने आया है कि गिरफ्तार आरोपियों ने करीब चार हजार लोगों का डाटा खरीदकर उन्हें ठगी का निशाना बनाया। आरोपी ऑनलाइन दवा मंगाने वाले लोगों को कॉल कर खुद को कंपनी प्रतिनिधि बताते थे। इसके बाद ऑर्डर कन्फर्म और डिलीवरी के नाम पर क्यूआर कोड भेजकर बैंक खातों में रकम ट्रांसफर करा लेते थे।
सीओ पंकज लवानिया के अनुसार मुख्य आरोपी संजय सरकार पहले नोएडा की एक ऑनलाइन दवा सप्लाई कंपनी में कार्य कर चुका था। नौकरी छोड़ने के बाद उसने अपने साथियों के साथ मिलकर हस्तिनापुर में अपने घर पर साइबर ठगी का नेटवर्क तैयार कर लिया। गिरोह जनपद के लोगों को छोड़कर अलग-अलग राज्यों के लोगों को टारगेट कर रहा था। अब तक हरियाणा, दिल्ली, राजस्थान, बिहार, झारखंड, महाराष्ट्र समेत कई राज्यों से शिकायतें पुलिस के सामने आ चुकी हैं।
साइबर सेल यह भी जांच कर रही है कि आरोपियों के पास मिला डाटा किसी कंपनी से लीक हुआ या फिर अवैध तरीके से बेचा गया। पुलिस गिरफ्तार आरोपियों के बैंक खातों और मोबाइल की कॉल डिटेल भी खंगाल रही है। संभावना जताई जा रही है कि गिरोह से जुड़े अन्य लोग भी जल्द पुलिस गिरफ्त में आ सकते हैं।
सीओ पंकज लवानिया ने बताया कि मामले में कई महत्वपूर्ण सुराग मिले हैं। डाटा सप्लाई करने वाले व्यक्ति की तलाश की जा रही है। साइबर ठगी नेटवर्क से जुड़े अन्य आरोपियों की भूमिका की भी जांच जारी है।