जिस पिस्टल से मुन्ना बजरंगी की हत्या की गई, उस पर विदेशी कंपनी का नाम लिखा है। कई अंक को मिटाने की कोशिश की गई है। पुलिस को आशंका है कि यह पिस्टल लूट का हो सकता है। इसके अलावा एसटीएफ के सूत्र बताते हैं कि पिस्टल पर विदेशी कंपनी के नाम और अन्य चीजें अंकित जरूर मिली है, लेकिन इसके बिहार के मुंगेर में बने होने की संभावना अधिक है, क्योंकि इससे पहले बरामद हुए ऐसे हथियारों का मुंगेर से सप्लाई होना, कई बार पुष्टी हो चुकी है।
यह भी अंदेशा जताया जा रहा है कि मुन्ना बजरंगी की हत्या में दो पिस्टल का इस्तेमाल किया, लेकिन अभी तक दूसरा पिस्टल बरामद नहीं हुआ है। पुलिस दूसरे पिस्टल की थ्योरी को खारिज कर रही है। उधर, इस बात की जांच भी की जा रही है कि कितने लोग वारदात में शामिल रहे। एसपी जयप्रकाश ने कहा यह जांच का विषय है कि पिस्टल विदेशी है या देसी। इसकी जांच की जा रही है।
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मुन्ना बजरंगी की हत्या के बाद से डीआईजी जेल संजीव त्रिपाठी बागपत जेल में डटे हैं। गुरुवार को भी डीआईजी ने जेल में चेकिंग अभियान चलवाया। मेरठ रेंज का उनके पास अतिरिक्त प्रभार है। उन्होंने बताया कि बैरकों की चेकिंग कराई गई है। किसी तरह का प्रतिबंधित सामान नहीं मिला है।
राठी को शिफ्ट करने का आदेश नहीं पहुंचा
डीआईजी जेल संजीव त्रिपाठी ने बताया कि देर शाम तक सुनील राठी को किसी अन्यत्र जेल में शिफ्ट करने का आदेश नहीं पहुंचा है। 31 जुलाई 2017 को राठी को रुड़की से बागपत जेल में शिफ्ट किया गया था। जिला कारागार प्रशासन ने राठी को शिफ्ट करने का प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजा है। जल्द ही इस पर आदेश जिला जेल तक पहुंचने की संभावना जताई जा रही है।
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