जेल अधिकारी सिर्फ यह जांच कर रहे हैं कि जेल में पिस्टल कैसे पहुंचा। राठी ने एडीजी जेल चंद्रप्रकाश के सामने भी राठी ने यही दोहराया कि पिस्टल उसका नहीं था। बजरंगी ने सुपारी को लेकर कहासुनी के बाद पिस्टल तान दी, उसने अपने बचाव में हत्या की। पुलिस यह सिरे जोड़ने का प्रयास कर रही है कि आखिर क्यों हत्या की गई। कौन-कौन इस पूरी वारदात में शामिल है।
यह चल रही जांच
एसपी जयप्रकाश ने बताया कि न्यायिक जांच, मजिस्ट्रेट जांच, पुलिस की जांच के अलावा जेल के अधिकारी पूरे मामले की जांच कर रहे हैं। हर बिंदु की पड़ताल चल रही है। अभी कोई बड़ा डेवलपमेंट नहीं हुआ है।
नौ दिन पहले लगने थे सीसीटीवी कैमरे
जेल में सिस्टम की लापरवाही का एक और बड़ा नमूना सामने आया है। बागपत जेल में 30 जून तक सीसीटीवी कैमरे लगाए जाने थे, लेकिन कार्यदायी संस्था ने काम पूरा नहीं किया। एडीजी जेल चंद्रप्रकाश ने यह स्वीकारा कि निर्धारित समय में कैमरे नहीं लगे हैं। टेंडर प्रक्रिया धीमी रही, इन सब मामले की जांच होगी, इस पर कार्रवाई भी निश्चित है और जल्द ही कैमरे लगवाए जाएंगे। सोमवार को मुन्ना बजरंगी की हत्या के बाद एक के बाद एक सिस्टम की कई चूक सामने आ रही है।
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