मेरठ। शहर के वार्ड-8 लिसाड़ी गांव में पेयजल की समस्या दूर करने के लिए नगर निगम ने योजना बनाई है। गंगाजल पहुंचाने के लिए वहां पर पानी की पाइप लाइन बिछाने की तैयारी नगर निगम ने शुरू कर दी। बताया गया कि लिसाड़ी में पानी की पाइप लाइन नहीं है, जिससे भवन स्वामियों ने खुद सबमर्सिबल लगाकर व्यवस्था की है।
बीते तीन अप्रैल 2026 को महापौर हरिकांत अहलूवालिया ने लिसाड़ी गांव का निरीक्षण किया था। लोगों ने गंदगी के ढेर और पेयजल की कमी की शिकायतें की थीं। इसके बाद निगम ने लिसाड़ी में पानी की लाइन बिछाने की तैयारी शुरू कर दी है। अपर नगर आयुक्त पंकज कुमार ने बताया कि पहले निगम ट्यूबवेल और नलकूप से पेयजल उपलब्ध कराता था। पानी की बड़ी समस्या को देखते हुए अब गंगाजल पहुंचाने की योजना बनाई गई है। पार्षद भूपेंद्र पाल ने कई बार निगम से पानी की पाइप लाइन बिछाने की शिकायत की थी। लेकिन निगम ने उनकी सुनवाई नहीं की। स्थानीय लोगों का गुस्सा फूटने लगा है। व्यवस्था नहीं बनने पर लोग निगम के खिलाफ आंदोलन कर सकते हैं। पार्षद ने इस मुद्दे को गंभीरता से लेने की अपील की है। महापौर हरिकांत अहलूवालिया का कहना है कि निगम से पेयजल की व्यवस्था की तैयारी के बारे में जानकारी मांगी थी, तब जाकर उन्होंने काम शुरू किया है।
घर-घर पेयजल के लिए सर्वे
निगम की टीम सर्वे कर रही है। सर्वे पूरा होने के बाद नगर निगम लिसाड़ी गांव में पेयजल की लाइन बिछाने का काम करेगा। स्थानीय पार्षद भूपेंद्र पाल उर्फ भूपे ने बताया कि यह शहर का एकमात्र वार्ड है। यहां निगम ने अब तक पानी की पाइप लाइन नहीं बिछाई है। लिसाड़ी गांव में इक्का-दुक्का सरकारी नल ही लगे हुए हैं। महापौर के निरीक्षण के बाद निगम पेयजल की व्यवस्था करने में जुटा है। अपर नगर आयुक्त पंकज कुमार ने बताया कि गंगाजल पहुंचाने की योजना से शुद्ध पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित होगी। घर-घर तक पानी पहुंचाने के लिए टीम सर्वे कर रही है। यह सर्वे कार्य जल्दी पूरा होने की उम्मीद है।