मेरठ। नगर निगम ने गंदगी और बारिश में जलभराव की वजह बनने वाले शहर के नालों का व्यापक प्रबंधन करने का निर्णय किया है। इसके लिए नवनियुक्त नगर आयुक्त मनीष बंसल ने सोमवार को ओडियन नाले का निरीक्षण किया और अधिकारियों से स्थायी समाधान की दिशा में काम करने के निर्देश दिए।
शहर में आबू नाला, आबूनाला टू और ओडियन नाले मुख्य हैं। इन तीनों नालों से शहर के गंदे पानी की निकासी की जाती है। ये तीनों नाले कूड़े से अटे रहते हैं। इसके चलते इन पर बने पुलों के आसपास हर समय पोकलेन मशीन कूड़ा निकालती रहती हैं। इस पर नगर निगम के हर महीने लाखों रुपये खर्च होते हैं। सोमवार को नगर आयुक्त मनीष बंसल, सहायक नगर आयुक्त ब्रजपाल सिंह और अन्य अधिकारियों के साथ ओडियन नाला देखने गए। उन्होंने शारदा रोड के सामने से निरीक्षण शुरू किया और भूमिया के पुल तक का हाल देखा। पुुल के पास सैकड़ों टन गंदगी अटी देख उन्होंने नाराजगी जताई। इसके बाद वे पुराना कमेला स्थित हापुड़ रोड पुल पर गए तो वहां भी यही हाल मिला। उन्होंने अधिकारियों से शहर के तीनों मुख्य नालों के व्यापक प्रबंधन के लिए डीपीआर बनाने के निर्देश दिए। निरीक्षण के बाद मनीष बंसल ने बताया कि लोग नालों में कूड़ा फेंककर इन्हें आटने का काम कर रहे हैं। इसलिए नगर निगम की कोशिश नालों के आसपास डोर टू डोर कूड़ा उठाने की पुख्ता व्यवस्था बनाने की रहेगी। इसके बाद नगर निगम नालों को अतिक्रमण मुक्त करके यथासंभव ढकवाने का काम करेगी। इसके लिए डीपीआर बनाकर शासन को भेजी जाएगी।