मेरठ। नगर निगम ने बरसात के दिनों में निचले इलाकों की जनता को जलभराव से राहत देने की तैयारी शुरू कर दी है। नगर निगम ने आपात स्थिति से निपटने के लिए 15 पंपिंग सेट तैयार किए हैं। इन्हें शहर में किसी भी स्थान पर ले जाया जा सकेगा।
महानगर में मलियाना नई बस्ती, ब्रह्मपुरी, लिसाड़ी रोड, नीचा सद्दीक नगर समेत करीब एक दर्जन निचले इलाके हैं। यहां पर प्रत्येक वर्ष बरसात के समय जलभराव होता है। शहर की कई बस्तियों से तो लोगों को पलायन के लिए मजबूर होना पड़ता है। नगर निगम ने ऐसे इलाकों में जलभराव न हो और जलभराव होने पर पानी निकालने के लिए 15 पंपिंग सेट तैयार किए हैं। निर्माण विभाग के इंजीनियर एवं स्टोर इंचार्ज राजपाल सिंह का कहना है कि इस बार भारी बारिश की आशंका को देखते हुए पहले ही तैयारियां कर ली गई हैं।
ड्रिल मशीन से खोली जा रहीं पुलिया
शहर में नालों पर जगह-जगह 40 से 50 साल पुरानी पुलिया हैं। ये काफी नीची होने की वजह से इनके नीचे जमा सिल्ट कठोर होती जा रही है। जिससे अधिकतर पुलिया चोक रहती हैं। अधिकतर नालों की पुलिया पर सिल्ट के साथ कचरा भी एकत्र हो जाता है। जिससे पानी आगे नहीं बढ़ पाता है। नगर निगम के इंजीनियरों ने माना कि पुलियों के कारण प्रतिवर्ष जलभराव होता है। इससे निपटने के लिए नगर निगम प्रशासन ने ड्रिल मशीन मंगवाई है। इन पुलियों को ड्रिल करके खोला जा रहा है। निगम प्रशासन का दावा है कि इस वर्ष शहर में जलभराव नहीं होगा। वहीं, नगरायुक्त डॉ. अरविंद कुमार चौरसिया का कहना है कि इस बार नालों की तली झाड़ सफाई हो चुकी है।
देर रात तक चल रही नालों की सफाई
नगर निगम द्वारा शहर के बड़े नाले ओडियन, आबू नाला प्रथम और आबू नाला द्वितीय की सफाई कराई जा रही है। ओडियन नाले की सफाई के लिए दर्जनों वाहन एवं मशीनें लगाई गई हैं। इसके अतिरिक्त आबू नाला प्रथम शर्मा नगर, पांडव नगर, गंगानगर नालों की सफाई के साथ-साथ काली नदी की भी सफाई की जा रही है। निगम प्रशासन का दावा है कि काली नदी को कमेला पुल तक साफ कराकर घोसीपुर तक काफी गहरा कर दिया है।